

Eknath Shinde on Tea Party And Operation Tiger: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले सूबे की सियासत का पारा चरम पर पहुंच गया है। सत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को सत्तारूढ़ महायुति सरकार की ओर से आयोजित पारंपरिक टी-पार्टी (चाय पार्टी) का विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) ने पूरी तरह से बहिष्कार (Boycott) कर दिया।
विपक्ष के इस कदम के बाद आयोजित हुई महायुति की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'ऑपरेशन टाइगर' और दल-बदल की गूंज सुनाई दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने अपनी चिरपरिचित हाजिरजवाबी से विपक्ष पर ऐसा तीखा तंज कसा, जिससे वहां मौजूद सभी नेता ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकनाथ शिंदे के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार भी मंच पर मौजूद थीं।
जब मीडिया ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल किया कि महाविकास आघाड़ी ने सरकार की चाय पार्टी का वॉकआउट कर दिया है, तो शिंदे ने मुस्कुराते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, "विपक्ष के लोगों की दिक्कत यह है कि वे दिन के उजाले में सबके सामने हमारे साथ बैठकर चाय पीने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। वे दिन में नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में छिप-छिपकर हमारी चाय पीते हैं।" इतना कहने के बाद शिंदे ने बगल में बैठे देवेंद्र फडणवीस की तरफ देखा और उन्हें 'देवाभाई' संबोधित करते हुए कहा, "क्यों देवाभाई, सही कहा ना?" शिंदे के इस मजाकिया अंदाज पर फडणवीस ने भी हंसते हुए सहमति जताई।
शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों और कुछ विधायकों के टूटने की खबरों के बीच चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर भी मुख्यमंत्रियों की जोड़ी ने मीडिया के सामने जमकर बैटिंग की। जब शिंदे से पूछा गया कि क्या उनका यह गुप्त ऑपरेशन सफल होगा? तो उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा, "रिकॉर्ड गवाह है, मैं जीवन में कोई भी ऑपरेशन कभी अधूरा नहीं छोड़ता हूं।" इसी बात पर चौका मारते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी तंज कसा और कहा, "चिंता मत कीजिए, ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है और सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज भी एकदम स्वस्थ और खुश है।"
इस टी-पार्टी और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के हालिया राजनीतिक बयानों का भी जिक्र छिड़ा। जब पत्रकारों ने राज ठाकरे द्वारा महायुति और महाविकास आघाड़ी दोनों पर साधे गए निशानों को लेकर सवाल किया, तो देवेंद्र फडणवीस मनसे प्रमुख पर चुटकी लेने का मौका नहीं चूके। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि कुछ लोगों का काम सिर्फ बोलना होता है, जबकि हमारी सरकार जमीन पर काम करके दिखा रही है। बहरहाल, इस चाय पार्टी के बहिष्कार और 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता के दावों ने यह साफ कर दिया है कि आगामी मानसून सत्र बेहद हंगामेदार होने वाला है।