एकनाथ शिंदे फिर बनेंगे मुख्यमंत्री, शिवसेना विधायक के दावे से मचा हड़कंप, बीजेपी पर गंभीर आरोप
Abdul Sattar Claims Eknath Shinde Will Become CM Again: शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने बीजेपी पर लगाया 'धीमा जहर' देने का आरोप। दावा किया कि एकनाथ शिंदे फिर बनेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री।
- Written By: अनिल सिंह
'एकनाथ शिंदे फिर बनेंगे मुख्यमंत्री'; अब्दुल सत्तार का बड़ा दावा (फोटो क्रेडिट-X)
Abdul Sattar Claims Eknath Shinde CM: महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच अब्दुल सत्तार के तीखे तेवरों ने महायुति के भीतर चल रहे आंतरिक सत्ता संघर्ष को एक बार फिर चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। सत्तार ने खुलकर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही आज भाजपा हमारी प्रमुख गठबंधन सहयोगी है और मुख्यमंत्री भी भाजपा से ही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके कार्यकर्ता शिवसेना के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। साथ मिलकर काम करने और गठबंधन धर्म निभाने के बजाय, भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी शिवसेना को पूरी तरह से दरकिनार कर रहे हैं और केवल अपने लिए सत्ता को मजबूत करने के काम में जुटे हुए हैं।
सत्तार ने नेतृत्व को आगाह करते हुए कहा कि हमें इस गंभीर विषय पर तुरंत विचार करने की सख्त जरूरत है। हम भाजपा के गठबंधन सहयोगी हैं, उनके राजनीतिक विरोधी नहीं हैं, इसलिए यह जो कुछ भी चल रहा है, उस पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के सामने खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
‘स्थानीय निकायों पर भाजपा ने जमाया अवैध कब्जा’
अब्दुल सत्तार ने स्थानीय स्तर की राजनीति का ब्योरा देते हुए कहा कि महानगरपालिका, जिला परिषद, नगर पालिका और अन्य स्थानीय निकायों पर जहां पहले अविभाजित शिवसेना का मजबूत दबदबा हुआ करता था, वहां अब भाजपा ने अपना एकतरफा कब्जा जमा लिया है। सत्ता में आने के बाद उस शक्ति का उपयोग संगठन को मजबूत करने के लिए होना चाहिए, न कि अपने ही सहयोगी दल को खत्म करने के लिए। अगर गठबंधन की बड़ी पार्टी इस तरह से शिवसेना के अस्तित्व को ही मिटाने की कोशिश करेगी तो यह पूरी तरह से गलत है और उन्हें हमारी पार्टी के स्वाभिमान का सम्मान करना ही होगा।
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‘शुरुआती ढाई साल में नहीं समझा, पिछले 18 महीनों में खुला खेल’
अपने अनुभवों को साझा करते हुए सत्तार ने कहा कि जब राज्य में महाविकास अघाड़ी की सरकार थी या जब सत्ता परिवर्तन के बाद शुरुआती दौर में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब इन बातों को समझने का कोई सवाल ही नहीं था। लेकिन पिछले 18 महीनों में, जब से सत्ता के समीकरण बदले हैं, उन्होंने इस रवैये और काम करने के तरीके को बहुत साफ तौर पर समझ लिया है। उन्होंने कहा कि यह तरीका किसी भी लिहाज से सही नहीं है। हालांकि, चुनाव के लिए नामांकन फॉर्म वापस लेने का जो भी आधिकारिक आदेश वरिष्ठ नेतृत्व से आया है, उसे अनुशासन के तहत माना जाएगा।
‘एकनाथ शिंदे जब फैसला लेंगे तो आएगा तूफान’
अब्दुल सत्तार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से भावुक अपील की है कि वे इस जमीनी विवाद को गंभीरता से लें और शिवसेना के कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाएं। उन्होंने अंत में एक बड़ा राजनीतिक सस्पेंस पैदा करते हुए कहा कि हमारे नेता ने बस कुछ ही शब्दों में अपनी बात कही है, जो एक बहुत बड़ा संदेश है। जब एकनाथ शिंदे कोई बड़ा फैसला लेंगे तो राज्य की राजनीति में तूफान आएगा। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य के समीकरणों पर बात करते हुए यह भी कहा कि राजनीति में आज कुछ नहीं कहा जा सकता, कल किसने सोचा था कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी कभी एक साथ आने की बात करेंगे।
