- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Konkan Vidhan Parishad Election Rebellion Juili Dalvi Eknath Shinde Politics
क्या जुइली दलवी की निर्दलीय उम्मीदवारी के पीछे एकनाथ का हाथ है? जानें MLC चुनाव में बगावत का इनसाइड ड्रामा
- Written By: गोरक्ष पोफली
Mahayuti Rift: कोंकण Vidhan Parishad Election में जुइली दलवी की बगावत के पीछे क्या मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का पालकमंत्री प्लान है? जानें कैसे शिंदे का लोभ रोक सकता है अनिकेत तटकरे की राह?

सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Eknath Shinde Masterplan: महाराष्ट्र की राजनीति में Vidhan Parishad Election ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जहां गठबंधन के भीतर ही फ्रेंडली फाइट के नाम पर शह-मात का खतरनाक खेल शुरू हो गया है। सबसे बड़ा सवाल जो गलियारों में गूंज रहा है, वह यह है कि क्या रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट पर शिवसेना विधायक महेंद्र दलवी की बेटी जुईली दलवी का निर्दलीय नामांकन महज एक इत्तेफाक है या मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कोई गहरी सोची-समझी रणनीति?
जुईली दलवी की उम्मीदवारी: बगावत या सोची-समझी चाल?
कोंकण की इस महत्वपूर्ण सीट पर महायुती ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के अनिकेत तटकरे को मैदान में उतारा है। लेकिन नामांकन के आखिरी दिनों में जुईली दलवी का निर्दलीय पर्चा भरना महायुती की एकजुटता पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों और सूत्रों के बीच यह चर्चा तेज है कि इस बगावत के पीछे खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का हाथ हो सकता है।
दावा है कि इसके पीछे रायगड के पालकमंत्री (Guardian Minister) पद का गहरा गणित छिपा है। दरअसल, शिवसेना चाहती है कि यदि वे तटकरे की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं, तो बदले में राष्ट्रवादी कांग्रेस को रायगड का पालकमंत्री पद शिवसेना के लिए छोड़ देना चाहिए। यह एक तरह की रणनीतिक सौदेबाजी है, जहां शिंदे अपनी महत्वाकांक्षा तभी छोड़ेंगे जब उन्हें उसी मूल्य की कोई दूसरी जगह या प्रतिष्ठित पद मिलेगा।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र MLC चुनाव: अपनों की बगावत से महायुति में खलबली, 17 सीटों पर नामांकन के आखिरी दिन बढ़ा सियासी पारा
अमरावती MLC चुनाव: हर्षजीत देशमुख को अंतिम समय में कांग्रेस से मिली हरी झंडी, आखिरी दिन जमा किया B-Form
‘एक हो जाएं उद्धव और शिंदे गुट’; अंबादास दानवे के बाद अब्दुल सत्तार ने भी सुर में सुर मिलाया, बीजेपी पर निशाना
Vidhan Parishad Election: नामांकन के आखिरी दिन सुनेत्रा और शिंदे को झटका, पार्टी की बेवफाई से कई वफादार नाराज
हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और!
एकनाथ शिंदे के इस रुख को लेकर सियासी गलियारों में कहा जा रहा है कि वे हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और वाली नीति अपना रहे हैं। एक तरफ वे अपनी पार्टी से आधिकारिक टिकट न देकर युति धर्म निभाने का नाटक कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपने ही नेताओं के परिजनों को निर्दलीय मैदान में उतारकर सहयोगियों पर दबाव बना रहे हैं। मकसद साफ है या तो महायुती उनकी पालकमंत्री पद की मांग पूरी करे, या फिर चुनाव में अपने ही दिग्गज निर्दलीय उम्मीदवारों से जंग लड़ने को तैयार रहे।
यह भी पढ़ें: अभी फॉर्म वापस मत लेना… उपमुख्यमंत्री शिंदे के एक आदेश से महायुति में खलबली, अनिकेत तटकरे की राह में रोड़ा?
समीर सत्तार और विप्लव बजोरिया, बगावत का एक ही पैटर्न
यही संदेह छत्रपति संभाजीनगर में भी गहरा रहा है, जहां कद्दावर मंत्री अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। इसे शिंदे सेना की मुश्किलें बढ़ाने वाला कदम बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह सहयोगियों को झुकाने का एक और औजार हो सकता है। इसी तरह, परभणी-हिंगोली में पूर्व विधायक विप्लव बजोरिया का पत्ता कटना और सईद खान को टिकट मिलना भी उसी असंतोष की आग को हवा दे रहा है, जो शिंदे गुट के भीतर सुलग रही है।
कुल मिलाकर, एकनाथ शिंदे का यह हठ महायुती के भविष्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। क्या यह शक्ति प्रदर्शन उन्हें रायगड का पालकमंत्री पद दिला पाएगा, या यह बगावत गठबंधन की नाव को डुबो देगी? 22 जून के नतीजे ही इस सियासी भूकंप की तीव्रता तय करेंगे।
Konkan vidhan parishad election rebellion juili dalvi eknath shinde politics
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
क्या जुइली दलवी की निर्दलीय उम्मीदवारी के पीछे एकनाथ का हाथ है? जानें MLC चुनाव में बगावत का इनसाइड ड्रामा
Jun 01, 2026 | 07:46 PM‘इंतजार करें, हम दो दिन में…’, अन्नामलाई के बयान ने बढ़ाई BJP की धड़कनें, नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज
Jun 01, 2026 | 07:46 PMUP में 2027 की जगह 2026 में ही विधानसभा चुनाव! सियासी गलियारों में मचा हड़कंप, कब बजेगा चुनावी बिगुल?
Jun 01, 2026 | 07:45 PMKalashtami 2026: अधिकमास की कालाष्टमी को लेकर कंफ्यूज़न दूर, जानिए सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
Jun 01, 2026 | 07:37 PMकालापानी, लिपुलेख के बीच PM बालेन शाह का विवादित बयान! क्या है ‘दसगजा’ बॉर्डर का पूरा गणित? VIDEO
Jun 01, 2026 | 07:34 PMमानसून आने से पहले ही प्रदेश में कई जगह आंधी-बारिश, भोपाल में सुहावना रहा मौसम; जानें आपके शहर की रिपोर्ट
Jun 01, 2026 | 07:32 PMBRO GREF Recruitment 2026: ड्राफ्ट्समैन समेत 899 पदों पर भर्ती, 12वीं पास और ITI उम्मीदवारों के लिए मौका
Jun 01, 2026 | 07:17 PMवीडियो गैलरी

India-ओमान के बीच CEPA समझौता से अब किसे होगा ज्यादा फायदा? VIDEO
Jun 01, 2026 | 07:01 PM
तड़पती रही गर्भवती, नहीं हटी बैरिकेंडिग, गुस्साए पति ने सड़क पर दिया धरना, राज्यपाल के काफिले के दौरान बवाल
Jun 01, 2026 | 02:36 PM
Iran ने ठुकराईं Trump की शर्तें? परमाणु डील पर नया संकट! मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव? Video
May 31, 2026 | 07:16 PM
Japan ने लौटाए भारतीय आम! एक कीड़े ने कैसे डुबो दिया करोड़ों का कारोबार? VIDEO
May 31, 2026 | 06:59 PM
अंडे फेंके, चश्मा तोड़ा, कपड़े फाड़ें, यहां देखें बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का पूरा VIDEO
May 31, 2026 | 02:14 PM
BJP राज में महिला SI भी सुरक्षित नहीं, डिंपल यादव ने खोली UP की कानून व्यवस्था की पोल, देखें VIDEO
May 31, 2026 | 01:26 PM














