गैरकानूनी काम करने वाले ही दिल्ली के चक्कर लगाते हैं…अरविंद सावंत का बागी सांसदों पर तीखा हमला
Arvind Sawant On Rebel MPs: अरविंद सावंत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो लोग असंवैधानिक काम करते हैं, वही दिल्ली के चक्कर लगाते हैं। जानें राम रक्षा आंदोलन पर उनकी राय।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांसद अरविंद सावंत (सोर्स: सोशल मीडिया)
Arvind Sawant Attacks Rebel MPs Delhi Visit: शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने बागी सांसदों को भेजे गए कानूनी नोटिस, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात, राम रक्षा आंदोलन, महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन के मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। बागी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग असंवैधानिक और गैरकानूनी काम करते हैं, वही दिल्ली के चक्कर लगाते हैं। वहीं, परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति उत्तर और दक्षिण भारत के बीच असंतुलन पैदा कर सकती है।
बागी सांसदों को भेजे गए कानूनी नोटिस और उनके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के सवाल पर अरविंद सावंत ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं, तो फिर उन्हें दिल्ली जाकर मुलाकात करने और सुरक्षा मांगने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जो लोग जानते हैं कि वे गैरकानूनी और असंवैधानिक कार्य कर रहे हैं, वही इधर-उधर भागते हैं। जिन लोगों ने अपनी विचारधारा छोड़कर राजनीतिक रास्ता बदला है, उनके पास नैतिकता का कोई आधार नहीं बचा है।
राजनीति सिद्धांतों और विचारधारा पर होनी चाहिए
बागी सांसदों द्वारा यह कहे जाने पर कि अमित शाह से उनकी मुलाकात अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास के लिए थी, सावंत ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि देश में जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक विभिन्न सरकारों के दौरान विपक्षी सांसदों के क्षेत्रों का भी विकास होता रहा है। यदि केवल विकास ही उद्देश्य होता, तो पहले भी विपक्ष के सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो जाते। राजनीति केवल धन और सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विचारधारा और सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। सरकार का दायित्व विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है, न कि सांसदों को दल बदलने के लिए प्रेरित करना।
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राम मंदिर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप
अरविंद सावंत ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सांसदों को मिलने वाली राशि बेहद सीमित है। कुछ नेता विकास की राजनीति नहीं बल्कि धन और लाभ के लिए सत्ता का साथ चुनते हैं। इसी क्रम में उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि कुछ लोग केवल लाभ के लिए संस्थाओं में शामिल होना चाहते हैं।
नागपुर में राम रक्षा आंदोलन
18 जुलाई को नागपुर में प्रस्तावित राम रक्षा आंदोलन के संबंध में पूछे गए सवाल पर सावंत ने कहा कि उनका पक्ष भगवान राम की रक्षा और उनके आदर्शों की रक्षा का है। भाजपा और उसके सहयोगी मुद्दों को भटकाने की राजनीति करते हैं। जनता अब सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सरकार की कथनी और करनी का अंतर समझ चुकी है। देश में भ्रष्टाचार और लूट के आरोपों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक विमर्श को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ने की कोशिश की जाती है।
दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक असंतुलन का खतरा
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर अरविंद सावंत ने कहा कि जब महिला आरक्षण विधेयक लाया गया, तब उसके साथ परिसीमन का मुद्दा जोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उस समय परिसीमन पर स्पष्ट चर्चा नहीं की और अब इसे अलग मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
यदि भविष्य में संसदीय सीटों का निर्धारण केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया तो दक्षिण भारत के कई राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है, जबकि उत्तर भारत के अधिक जनसंख्या वाले राज्यों का प्रभाव बढ़ जाएगा। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक असंतुलन पैदा होने का खतरा है। संसद में भी उन्होंने इस आशंका को पहले ही उठाया था और सरकार की कथनी तथा करनी में अंतर का मुद्दा सामने रखा था।
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शिंदे-पाटिल मुलाकात पर प्रतिक्रिया
एनसीपी शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद सावंत ने कहा कि मुलाकात करने में कोई दिक्कत नहीं है। एनसीपी शरद पवार गुट की मुखिया है सुप्रिया सुले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना यूबीटी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
