Mumbai: चुनावी हिंसा पर सख्ती, एमएचबी पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में केस
Shiv Sena News: दहिसर पश्चिम वार्ड-1 में चुनाव प्रचार के दौरान आदिवासी युवक की सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने शिंदे शिवसेना से जुड़े 10 कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
Dahisar Violence News: मुंबई के दहिसर पश्चिम स्थित वार्ड क्रमांक-1 में चुनाव प्रचार के दौरान शिंदे शिवसेना के कार्यकर्ताओं द्वारा एक आदिवासी युवक की सरेआम पिटाई का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
वीडियो का संज्ञान लेते हुए एमएचबी पुलिस ने शिंदे शिवसेना से जुड़े 10 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मोडेस्टी, जबरन घर में घुसकर मारपीट (ट्रेसपास), सरेआम पिटाई और दंगे जैसी गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल
पुलिस के अनुसार इस मामले में जिन आरोपियों की पहचान हुई है, उनमें दीनानाथ यादव, सूरज यादव, सभय यादव, पप्पू यादव, मेहीलाल यादव, राकेश यादव, दशरथ पाल, अजय मौर्या, सूरज पांडे और नीलम ओमप्रकाश पांडे व अन्य अज्ञात लोग शामिल हैं।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपी दीनानाथ यादव, शिवसेना प्रत्याशी रेखा यादव का जेठ है। इस घटना के बाद से दहिसर पश्चिम क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की हिंसा से आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
पुलिस कर रही गहन जांच
कुछ स्थानीय लोग इस घटना को जातिगत और प्रांतवाद से जोड़कर भी देख रहे हैं, जिससे सामाजिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, विपक्षी प्रत्याशियों ने इस घटना की कड़ी निदा की है। विपक्ष का आरोप है कि सत्ता पक्ष से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा की गई इस हिंसा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्षी उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसे जनता के सामने रखकर चुनावी लाभलेने की कोशिश में भी जुटे हुए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनका राजनीतिक रसूख कुछ भी हो। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करे।
