WEF Davos पर सवाल: लोकल कंपनियों से विदेश में MoU क्यों? विपक्ष का हमला
Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। संजय राऊत और वर्षा गायकवाड़ ने निवेश समझौतों को दिखावा बताते हुए खर्च और वास्तविक निवेश पर श्वेतपत्र की मांग की।
- Written By: अपूर्वा नायक
संजय राउत और वर्षा गायकवाड़ (सौ. डिजाइन फोटो )
Mumbai News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे पर शिवसेना (यबीटी) के सांसद संजय राऊत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम सिर्फ दिखावा बन रही है। यह मुख्यमंत्री के लिए फाइव स्टार पिकनिक है।
दावोस में लोकल कंपनियों से समझौते हो रहे हैं, जिससे दुनिया में जग हंसाई हो रही है। राऊत ने क मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों के टैक्स के पैसे से विदेश यात्रा करके सिर्फ दिखावा कर रही है।
दावोस जाकर लोकल कंपनियों और मुंबई में हेडक्वार्टर वाली कंपनियों से समझौते पर हस्ताक्षर करना हास्यास्पद है। जेएसडब्ल्यू, लोढ़ा, पंचशील जैसी कंपनियों के ऑफिस मुंबई के बीकेसी में हैं।
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मुख्यमंत्री फडणवीस को ऐसी कंपनियों से समझौते करने के लिए विदेश जाने की क्या जरूरत थी? ये एग्रीमेंट मुंबई में बैठकर भी किए जा सकते थे। इससे दुनिया के सामने महाराष्ट्र की इमेज हंसी का पात्र बन रही है।
निवेश के नाम पर सीएम का चल रहा सिर्फ फोटो सेशन
राऊत ने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में एक-दूसरे से मिल रहे है और निवेश के नाम पर सिर्फ फोटो सेशन चल रहे हैं, उन्होंने सरकार के घोषित निवेश के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार कहती है कि पिछले पांच वर्षों में 75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है, लेकिन असल में यह निवेश कहां है, आंकड़े बढ़ाने के बजाय सरकार को दावोस और दूसरी यात्राओं पर हुए खर्च का हिसाब जनता के सामने पेश करना चाहिए और बताना चाहिए कि असल में कितना निवेश हुआ है।
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श्वेतपत्र जारी करे सरकारः वर्षा गायकवाड़
- मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने दावोस में किए जा रहे निवेश समझौतों को “इवेंटबाजी करार देते हुए सरकार पर जनता के पैसे की बर्बादी का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि दावोस में अब तक किए गए सभी निवेश समझौतों पर सरकार श्वेतपत्र जारी करे।
- वर्षा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के पहले ही दिन 14.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 15 लाख रोजगार सृजन के समझौतों का दावा किया है।
- उन्होंने कहा कि लोढा डेवलपर्स के साथ एक लाख करोड़ रुपये, के रहेजा समूह के साथ 80 हजार करोड़ रुपये और अल्टा कैपिटल-पंचशील समूह के साथ दो लाख करोड़ रुपये के समझौते किए गए है।
- ये सभी कंपनियां महाराष्ट्र और खासकर मुंबई में सक्रिय है। ऐसे समझौते राज्य में रहकर भी किए जा सकते थे।
- वर्षा गायकवाड़ ने स्पष्ट किया कि राज्य में निवेश आना सभी के हित में है और कांग्रेस इसका विरोध नहीं करती, लेकिन सरकार द्वारा किए जा रहे दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर जनता के सामने आना जरूरी है।
