दिल्ली दरबार के हाथ में BMC चुनाव के गठबंधन की डोर! संजय राउत बोले- कांग्रेस आलाकमान से करेंगे बात

Sanjay Raut संजय राउत ने कहा कि वह कांग्रेस के बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले पर उसके आलाकमान से चर्चा करेंगे। उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए एमवीए में मनसे की मौजूदगी को जरूरी बताया।
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संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut On MVA Alliance: स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण एक महीने से अधिक के 'ब्रेक' के बाद लौटे शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए विपक्षी महा विकास आघाडी (MVA) में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के फैसले पर उसके आलाकमान से बात करेंगे।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को एक महीने से अधिक समय बाद मीडिया से बात की और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने घोषणा की कि वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव अकेले लड़ने के कांग्रेस के फैसले पर उसके आलाकमान से बात करेंगे।

मनसे को होना जरूरी: राउत

राउत ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें विश्वास है कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) में होना जरूरी है, ताकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार सुनिश्चित की जा सके। उनका मानना है कि अगर कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का फैसला करती है, तो इससे भाजपा को फायदा हो सकता है। हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) इस बात पर जोर दे रही है कि कांग्रेस को मुंबई में महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा होना चाहिए। राउत ने कहा कि हमारा रुख यह है कि कांग्रेस को मुंबई में महा विकास आघाडी का हिस्सा बनना चाहिए।

कांग्रेस के फैसले पर राउत की प्रतिक्रिया

कांग्रेस की मुंबई इकाई ने पिछले महीने मनसे के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया था और घोषणा की थी कि वह नगर निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। राउत ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस से चर्चा चल रही है, लेकिन अगर बिहार चुनाव के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे मुंबई में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने दीजिए। संजय राउत ने बिहार चुनाव के परिणामों की याद दिलाई, जहां सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 200 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि विपक्षी महागठबंधन खेमे का हिस्सा कांग्रेस केवल छह सीटें जीतने में सफल रही थी। राउत ने आगे बताया कि वह दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली जा रहे हैं और कांग्रेस आलाकमान से बात करने का प्रयास करेंगे।

मनसे और एमवीए पर सकारात्मक संकेत

मनसे को एमवीए खेमे में लाने की अपनी रणनीति पर जोर देते हुए, राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि "राज ठाकरे के (एमवीए खेमे में) आने से भाजपा की हार होगी"। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शिवसेना (उबाठा) और मनसे के बीच सकारात्मक चर्चा हो रही है और सीट के बंटवारे को लेकर बैठकें चल रही हैं। राउत ने पुष्टि की कि उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच बेहतरीन संवाद है।

भाजपा पर बड़ा आरोप

स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में, राउत ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में चुनावी संस्कृति को भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नगरपालिका परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए इतनी बड़ी मात्रा में धन का इस्तेमाल पहले कभी नहीं किया गया।

हालांकि, महाराष्ट्र में विभिन्न स्थानीय निकायों के लिए चुनाव मंगलवार को होने हैं, लेकिन बीएमसी और कुछ अन्य नागरिक निकायों के चुनावों का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिये जाएं।

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