

Ajit Pawar Rajgurunagar Funny Speech: महाराष्ट्र में नगर परिषद और ने पंचायत चुनाव के प्रचार का आज आखिरी दिन था। इसी दौरान, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राजगुरुनगर की जनसभा में अपनी बेबाकी से माहौल गर्मा दिया। मंच पर उन्होंने न सिर्फ भ्रष्टाचार के 70 हजार करोड़ के आरोपों पर 'ओपन चैलेंज' दिया, बल्कि 'बाबा लोगों' के उपदेशों पर ऐसा ठहाका लगाया कि पूरी सभा हंस पड़ी।
महाराष्ट्र में नगर परिषद और पंचायत चुनावों का प्रचार अपने चरम पर है, और आज इसका आखिरी दिन है। इसी चुनावी सिलसिले में, उपमुख्यमंत्री अजित पवार पुणे के राजगुरुनगर में अपनी आखिरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह जनसभा उनकी बेबाकी और धमाकेदार प्रतिक्रियाओं के कारण सुर्खियों में आ गई।
राजगुरुनगर की जनसभा में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मजाकिया लहजे में एक ऐसा बयान दिया कि वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े। पवार ने कहा कि उन्हें 'बाबा लोगों की बात सुननी होगी'। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह जनता तय करे कि ये 'बाबा लोग' आखिर कौन हैं। मंच पर भाषण के दौरान, जब बाबा रक्षे उन्हें कुछ बातें बता रहे थे, तब अजित पवार ने चुटकी लेते हुए कहा कि "अब ये मुझे सिखा रहे हैं, अब ऐसा कहो"। उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र की तरफ इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज़ में आगे कहा, "अगर मैं गंजा भी हो जाऊं, तो भी वे मुझे सिखा रहे हैं कि क्या करना है"। उनका कहने का मतलब था कि वह बूढ़े हो रहे हैं, फिर भी लोग उन्हें लगातार उपदेश दे रहे हैं।
जहां एक ओर पवार के ठहाकों ने सभा का मनोरंजन किया, वहीं उन्होंने अपने विरोधियों के सबसे गंभीर आरोप पर भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझ पर 70 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप है।
पवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैं काम का आदमी हूं, एडमिनिस्ट्रेशन पर मेरी पकड़ है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि लेकिन मैं एक रुपये का भी मूर्ख नहीं हूं।
डिप्टी सीएम ने विरोधियों को सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आप मुझे दिखाइए कि मैंने काम करते समय किससे पैसे लिए या रिश्वत दी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके विपरीत, प्रशासन मुझे अक्सर टालता रहता है। इस मौके पर अजित पवार ने स्पष्ट कर दिया कि उन पर लगाए गए सभी भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं।