‘आपने 150 करोड़ बहाए, इसीलिए आई चुनाव रद्द करने की नौबत’, सुधीर मुनगंटीवार के बयान पर संजय राउत का पलटवार
Sanjay Raut Slams Sudhir Mungantiwar MLC Election Row: सुधीर मुनगंटीवार के चुनाव रद्द करने के बयान पर संजय राउत का पलटवार। राज ठाकरे के साथ मिलकर बनाएंगे चुनाव बहिष्कार की रणनीति।
- Written By: अनिल सिंह
सुधीर मुनगंटीवार ने विधान परिषद चुनाव को बताया निरर्थक, संजय राउत ने ले ली चुटकी (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut on Sudhir Mungantiwar: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव, हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर संजय राउत का दावा और सुधीर मुनगंटीवार की स्थानीय निकायों से होने वाले विधान परिषद चुनाव को खत्म करने की मांग इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। सुधीर मुनगंटीवार की मांग दरअसल आचार संहिता की वजह से विकास कार्यों में पड़ रहे खलल की वजह से थी, लेकिन कहीं ना कहीं उनकी ये मांग संजय राउत के हॉर्स ट्रेडिंग वाले आरोप को और पुख्ता करती हुई नजर आ रही है। ऐसे में इसे बीजेपी का सेल्फ गोल कहा जा सकता है, जिसपर अब संजय राउत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, उन्होंने भी सुधीर मुनगंटीवार की मांग का समर्थन किया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में चुनावी सुचिता और लोकतंत्र के भविष्य को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो चुकी है। भाजपा के कद्दावर नेता सुधीर मुनगंटीवार ने यह कहकर सबको चौंका दिया था कि स्थानीय निकाय प्राधिकारियों के जरिए होने वाले विधान परिषद चुनावों से जनता या व्यवस्था को कोई वास्तविक लाभ नहीं हो रहा है, बल्कि यह पार्षदों को अनावश्यक रूप से अस्थिर करने का जरिया बन गए हैं। इस पर तत्काल और तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि भाजपा के भीतर से ही ऐसी मांग उठना इस बात का सीधा प्रमाण है कि चुनावों के नाम पर बड़े पैमाने पर ‘घोड़ेबाजार’ चलाया जा रहा था। संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर धनबल के दुरुपयोग का बेहद गंभीर और तीखा आरोप जड़ा है।
एक दिन में 150 करोड़ खर्च करने वालों के पास ही है सारा पैसा
संजय राउत ने सुधीर मुनगंटीवार को घेरते हुए कहा कि उन्हें अपनी व्यक्तिगत राय देने के बजाय पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बताना चाहिए कि आज अचानक विधान परिषद को भंग करने की नौबत क्यों आई है? राउत ने तीखा हमला करते हुए कहा, “यह समय इसलिए आया है क्योंकि आपने खुद इस चुनाव में विधायकों की खुलेआम खरीद-फरोख्त की है और एक ही दिन के भीतर 150 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए हैं। हमारे पास इतना पैसा नहीं है, यह सारा काला धन मिंधे (शिंदे) समूह, भाजपा, अजित पवार गुट और अडानी के पास उपलब्ध है, जिसे वे चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल करते हैं।”
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राज्यसभा की तरह पारदर्शी हो चुनाव, मतपत्रों की हो वापसी
संजय राउत ने चुनाव प्रणाली में बड़े सुधारों की वकालत करते हुए मांग की कि देश के सभी स्थानीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव केवल मतपत्रों (बैलेट पेपर) के आधार पर ही कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने विधान परिषद की गुप्त मतदान प्रक्रिया को खत्म करने की बात कही। राउत के अनुसार, जिस तरह राज्यसभा चुनावों में पूरी पारदर्शिता बरतते हुए अपनी पार्टी के प्रतोद (व्हिप) को वोट दिखाना अनिवार्य होता है, ठीक उसी तरह विधान परिषद में भी ओपन वोटिंग का नियम लागू होना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि किसने अपनी पार्टी के साथ गद्दारी की है।
‘शिवतीर्थ’ पर राज ठाकरे से हुई मुलाकात और चुनाव बहिष्कार की रणनीति
कल दादर स्थित ‘शिवतीर्थ’ बंगले पर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ अचानक हुई अपनी मुलाकात पर से पर्दा उठाते हुए संजय राउत ने बताया कि उनके बीच कई गैर-राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और पर्यटन से जुड़े विषयों पर अच्छी चर्चा हुई। लेकिन इसी बैठक के दौरान राज ठाकरे ने एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक फॉर्मूला सुझाया कि जब तक देश में मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक सभी राजनीतिक दलों को मिलकर चुनाव का पूर्ण बहिष्कार कर देना चाहिए। राउत ने कहा कि उन्हें यह विचार बेहद पसंद आया और उन्होंने तुरंत इस बारे में उद्धव ठाकरे को सूचित किया है। उद्धव जी भी इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं और अब यह चुनावी बहिष्कार का आंदोलन पूरे देश में फैलेगा।
