शरद पवार, अजित पवार व संजय राउत (डिजाइन फोटो)
Sanjay Raut Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार का दिल अब भी अपने परिवार के साथ है और वे जल्द ही शरद पवार के नेतृत्व वाली एमवीए में लौट सकते हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार के बीच की दूरियां क्या खत्म हो रही हैं? शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत के हालिया बयानों ने इन चर्चाओं को हवा दे दी है। राउत ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया कि सत्तारूढ़ राकांपा का वास्तव में शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) में विलय हो चुका है।
राउत ने इस दावे के पीछे का आधार आगामी स्थानीय चुनावों को बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में दोनों गुट ‘घड़ी’ के चुनाव चिन्ह पर एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अनुसार, यह चुनावी तालमेल इस बात का प्रमाण है कि दोनों धड़े पर्दे के पीछे एक हो चुके हैं।
संजय राउत ने अजित पवार की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे वर्तमान में महायुति सरकार का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन उनका जुड़ाव अभी भी महाविकास आघाडी (MVA) से बना हुआ है। राउत ने कहा, “अजित पवार एक साथ दो नावों पर सवार नहीं हो सकते, उनका दिल अपने परिवार के साथ है और अंततः शरद पवार और अजित पवार एमवीए के झंडे तले एक साथ आएंगे।
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हुए थे, जिसके बाद राकांपा दो हिस्सों में बंट गई थी। चुनाव आयोग ने अजित गुट को असली राकांपा मानते हुए ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया था, जबकि शरद पवार के गुट को राकांपा (एसपी) नाम मिला।
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राउत ने केवल पवार परिवार पर ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के रिश्तों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में मेयर पद को लेकर भाजपा के रुख से बेहद नाराज हैं। राउत के अनुसार, दिल्ली का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता करने या झुकने को तैयार नहीं है, जिससे महायुति के भीतर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पार्टी के भीतर चल रही इस उठापटक के बीच, पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों के लिए राकांपा के विभिन्न गुटों ने पहले ही हाथ मिला लिया है। अब 5 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों के तीसरे चरण के लिए भी इन्होंने गठबंधन की घोषणा की है, जहाँ वे अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के ‘घड़ी’ चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति के लिए कई संकेत दे रहा है।