

AIMIM Corporator Sahar Sheikh Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग अक्सर तीखी हो जाती है, लेकिन इस बार AIMIM पार्षद सहर शेख को अपने शब्दों के कारण पीछे हटना पड़ा। 'मुंब्रा को हरा बना देंगे' वाले बयान पर मचे हंगामे के बाद, भाजपा नेता किरीट सोमैया के दबाव और पुलिसिया कार्रवाई के चलते पार्षद ने सार्वजनिक माफी मांग ली है।
पूरा मामला 18 जनवरी की एक बैठक से शुरू हुआ, जहां एआईएमआईएम (AIMIM) की नवनिर्वाचित पार्षद सहर यूनुस शेख ने एक भाषण के दौरान कहा था कि "हम मुंब्रा को हरा बना देंगे।" इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करार दिया, जिसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने मोर्चा संभाल लिया।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंब्रा पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। सोमैया ने मांग की थी कि यदि सहर शेख अपने बयान पर माफी नहीं मांगती हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सोमैया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके निरंतर फॉलो-अप के बाद पुलिस ने सहर शेख को नोटिस (IPC की धारा 168 के तहत) जारी किया था।
मुंब्रा पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर सहर शेख ने शुक्रवार को अपना लिखित बयान दर्ज कराया। अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा "मेरे बयान का उद्देश्य अपनी पार्टी (AIMIM) के झंडे और उसके प्रतीकों के प्रति निष्ठा दिखाना था। मेरा इरादा किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या शहर का सौहार्द बिगाड़ने का कतई नहीं था।"
उन्होंने आगे भावुक अपील करते हुए लिखा कि वह और उनकी पार्टी तिरंगे का सम्मान करते हैं और उसी के लिए जीते-मरते हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुँची है, तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगती हैं।
मुंब्रा पुलिस ने किरीट सोमैया को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में पुष्टि की है कि पार्षद का बयान दर्ज कर लिया गया है और उन्होंने लिखित रूप में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सभाओं में मर्यादा बनाए रखने के लिए यह नोटिस जारी किया गया था।
किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट करते हुए बताया कि AIMIM की सहर शेख ने अपनी स्पीच के लिए माफ़ी मांगी है। मेरी शिकायत के बाद, पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजा और उनसे जवाब मांगा। आज मेरी फॉलो-अप विजिट के दौरान, मुंब्रा पुलिस ने लिखित जवाब में मुझे माफी के बारे में बताया।
सोमैया ने इसे अपनी और कानून की जीत बताते हुए कहा कि भड़काऊ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, इस लिखित माफीनामे के बाद मुंब्रा में जारी राजनीतिक तनाव कुछ कम होता दिख रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा अभी भी गर्म है।