ऑपरेशन वोल्फ के बाद संजय राउत शुरू करेंगे ऑपरेशन टूटवा, बागी सांसदों के खिलाफ होगा खेल
Sanjay Raut Operation Tootwa Rebel MP Shinde Sena: 'ऑपरेशन वोल्फ' की घोषणा के बाद संजय राउत का एक और बड़ा पलटवार, राउत ने बागियों के खिलाफ 'ऑपरेशन टूटवा' का किया ऐलान।
- Written By: अनिल सिंह
Sanjay Raut Operation Tootwa: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ और सांसदों की बगावत से लगे तगड़े झटकों के बाद अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुख्य रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महायुति के खिलाफ एक नए और आक्रामक जवाबी अभियान का बिगुल फूंक दिया है। सियासी गलियारों में ‘ऑपरेशन वोल्फ’ (Operation Wolf) की चर्चा पहले सही चल रही थी (कुछ दिनों पहले संजय राउत ने ऑपरेशन वोल्फ चलने का एलान किया था) लेकिन अब राउत ने बागियों को जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन टूटवा’ का ऐलान किया है।
ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों की बगावत और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय के आधिकारिक घटनाक्रम के बाद, संजय राउत ने अब ‘ऑपरेशन टूटवा’ (Operation Tootwa) शुरू करने का बड़ा दावा किया है। राउत का साफ कहना है कि गद्दारी करने वाले बागी सांसदों और उन्हें शह देने वाली शिवसेना (शिंदे गुट) और बीजेपी के खिलाफ अब असली खेल शुरू होने जा रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक मची इस भारी खलबली के बीच, उद्धव खेमे ने साफ कर दिया है कि वे इस राजनीतिक दगाबाजी को इतनी आसानी से नहीं पचने देंगे।
ऑपरेशन वोल्फ के बाद अब बारी ऑपरेशन टूटवा की है
पार्टी के व्हिप का उल्लंघन कर दिल्ली में स्वतंत्र गुट बनाने वाले और शिंदे सेना में शामिल होने वाले 6 बागी सांसदों पर बरसते हुए संजय राउत ने कहा, “सामने वाले समझ रहे हैं कि उन्होंने ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाकर हमारे 6 मोहरों को तोड़ लिया और बाजी जीत गए। लेकिन वे भूल रहे हैं कि शिवसेना (यूबीटी) की जड़ें महाराष्ट्र की जनता के दिलों में हैं। अब हम उनके इस चक्रव्यूह का जवाब अपने ‘ऑपरेशन टूटवा’ से देंगे। इस ऑपरेशन के तहत उन सभी गद्दारों के राजनीतिक अस्तित्व को जमीन में दफन कर दिया जाएगा जिन्होंने मातोश्री की पीठ में छुरा घोंपा है।”
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बागियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक होगी, जनता करेगी फैसला
संजय राउत के करीबी सूत्रों के अनुसार, ‘ऑपरेशन टूटवा’ के तहत उद्धव ठाकरे और खुद संजय राउत उन सभी 6 बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों, परभणी, धाराशिव, हिंगोली, वाशिम, शिरडी और उत्तर पूर्वी मुंबई का सघन दौरा करेंगे। पार्टी इन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन खड़ा करेगी ताकि मतदाताओं को यह बताया जा सके कि उनके वोट को किस तरह चंद रुपयों और लालच के लिए दिल्ली के दरबार में बेच दिया गया। राउत का दावा है कि इस ऑपरेशन के जरिए न केवल बागियों के गढ़ को तोड़ा जाएगा, बल्कि शिंदे गुट के भीतर भी असंतुष्ट नेताओं में बड़ी सेंधमारी की जाएगी।
संसद, अदालत और सड़क पर होगी लड़ाई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय राउत का यह ‘ऑपरेशन टूटवा’ केवल एक बयानबाजी नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कैडर्स को एकजुट रखने का एक आखिरी और बड़ा दांव है। एक तरफ जहां उद्धव गुट सुप्रीम कोर्ट में इन बागी सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की याचिका दायर करने की तैयारी पूरी कर चुका है, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर ‘ऑपरेशन टूटवा’ के जरिए शिंदे गुट और महायुति के स्थानीय पदाधिकारियों को तोड़ने की गुप्त रणनीति बनाई जा रही है। राउत के इस आक्रामक तेवर के बाद अब यह साफ है कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिन और भी ज्यादा हिंसक और शह-मात के खेल से भरे होने वाले हैं।
