‘एक साल से सुलग रही थी आग’, शिवसेना (यूबीटी) में टूट पर मंत्री संजय शिरसाट का बड़ा बयान
Sanjay Shirsat Statement: शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल की बैठक से 6 सांसदों के नदारद रहने के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज है। मंत्री संजय शिरसाट ने इस पर बयान दिया है।
- Written By: आकाश मसने
संजय शिरसाट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Shirsat Statement On Shiv Sena UBT Split: शिवसेना (यूबीटी) में बढ़ती अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी की संसदीय दल की बैठक में 9 में से 6 सांसदों की अनुपस्थिति के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने दावा किया कि ठाकरे गुट के एक नेता की अभद्र भाषा और सांसदों के प्रति अपनाए गए रवैये का ही परिणाम आज दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह असंतोष अचानक पैदा नहीं हुआ, बल्कि पिछले एक वर्ष से भीतर ही भीतर बढ़ रहा था।
एक साल से बढ़ रही थी नाराजगी
संजय शिरसाट ने कहा कि ठाकरे गुट के एक प्रमुख नेता ने सांसदों के बारे में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इससे सांसदों में नाराजगी बढ़ती गई और संगठन के भीतर संवादहीनता की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने कहा कि बुधवार को सामने आया घटनाक्रम उसी असंतोष का परिणाम है, जिसकी आहट लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
संसदीय दल की बैठक से छह सांसदों के दूर रहने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि कुछ सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और भविष्य में अलग राजनीतिक रास्ता अपना सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी सांसद की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।
सम्बंधित ख़बरें
महिलाओं के लिए आरक्षित टॉयलेट में घुस रहे पुरुष! APMC मार्केट में बेसिक सुविधाओं की खुली पोल
गिरीश महाजन पर नहीं है भरोसा! कुंभ मेले की तैयारियों पर संतों की नाराजगी, बोले सीएम फडणवीस, खुद करें निगरानी
अच्छे कामों के प्रचार की जरूरत नहीं पड़ती… मोहन भागवत बोले समाज परिवर्तन भाषणों से नहीं कृति से संभव हैं
कोल्हापुर दौरे पर सीएम फडणवीस और सुनेत्रा पवार, स्व. डॉ. DY पाटिल के परिजनों से की मुलाकात, जताया गहरा शोक
शिंदे ही करेंगे अंतिम फैसला
संजय शिरसाट ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई सांसद या नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में आने की इच्छा व्यक्त करता है तो उसके संबंध में अंतिम निर्णय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही करेंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर निर्णय लेने का अधिकार केवल शिंदे के पास है और वही उचित समय पर इस पर फैसला करेंगे।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र की सियासत में एकनाथ शिंदे का बढ़ता कद, कांग्रेस के बाद शिवसेना बनेगी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
ठाकरे गुट को आत्ममंथन की सलाह
संजय शिरसाट ने ठाकरे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि शिंदे गुट पर आरोप लगाने के बजाय उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए। संगठन के भीतर नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। शिरसाट ने दावा किया कि महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और समय के अभाव के कारण सभी से विस्तार से बातचीत करना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
