Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

क्या रिलायंस में काम करने वाले सब मराठी बोलते हैं? ड्राइवरों के समर्थन में संजय निरुपम ने सरकार और MNS को घेरा

Sanjay Nirupam on Marathi Language: संजय निरुपम ने रिक्शा चालकों की मराठी परीक्षा का विरोध किया। रिलायंस-बिरला का उदाहरण देकर सरकार और MNS से पूछे कड़े सवाल।

  • Written By: अनिल सिंह
Updated On: Apr 24, 2026 | 11:51 AM
Follow Us
Close
Follow Us:

Sanjay Nirupam on Marathi: महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता और ‘मराठी परीक्षा’ के फैसले पर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और राज ठाकरे की पार्टी (MNS) पर तीखा हमला बोला है। निरुपम ने सवाल उठाया कि जब रिलायंस और बिरला जैसी बड़ी कंपनियों या जोमैटो-स्विगी के डिलीवरी पार्टनर्स पर मराठी बोलने का दबाव नहीं है, तो केवल गरीब रिक्शा चालकों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

संजय निरुपम ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर इस फैसले को ‘सरासर अन्याय’ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले लोग आमतौर पर उच्च शिक्षित नहीं होते। ऐसे में उनसे मराठी लिखने, पढ़ने और बोलने की परीक्षा लेना और फेल होने पर उनका परमिट रद्द करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

“संविधान और समानता का अधिकार”

संजय निरुपम ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश का कोई भी नागरिक कहीं भी जाकर अपनी आजीविका कमाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “हम सभी हिंदू हैं और भारत के नागरिक हैं। भाषा, जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव करना राज्य के संविधान के विरुद्ध है। महाराष्ट्र सरकार का काम मराठी का संरक्षण करना है, लेकिन इसे दमन का जरिया नहीं बनाना चाहिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय लोगों को मराठी सिखाने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए।

सम्बंधित ख़बरें

महाराष्ट्र बनेगा Global Investment Hub, डेनमार्क के साथ बढ़ेगी साझेदारी

कांदिवली चोरी कांड का खुलासा, 34 लाख के गहने बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

Marathi Mandatory: संजय राउत का भाषा मंत्र, जब दिल्ली में हिंदी तो महाराष्ट्र में मराठी क्यों नहीं?

अमित ठाकरे की मांग रंग लाई: Central Railway ने बदला नोटिफिकेशन, मराठी को मिला स्थान

ये भी पढ़ें- मुंबई में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: भांडुप में निर्माणाधीन गड्ढे में गिरे 11 लोग, 25 वर्षीय युवक की मौत

MNS और वोटों की राजनीति पर पलटवार

मनसे (MNS) नेता संदीप देशपांडे द्वारा उन्हें “टुककर मानुष” कहे जाने और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाने पर निरुपम ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने पूछा, “क्या आप वोटों के लिए मराठी भाषा पर जोर दे रहे हैं? आपके कितने विधायक और सांसद चुनकर आते हैं, यह सब जानते हैं। हम यह सब वोटों के लिए नहीं, बल्कि उन 15 लाख चालकों के अधिकारों के लिए कर रहे हैं जिनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।”

कॉरपोरेट जगत पर उठाए सवाल

संजय निरुपम ने सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या रिलायंस, बिरला या अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी मराठी बोलते हैं? उन्होंने कहा कि अगर नियम लागू करना है तो सभी क्षेत्रों के लिए समान रूप से होना चाहिए, न कि केवल समाज के निचले तबके के लिए।

Sanjay nirupam questions marathi mandate and corporate employees

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 24, 2026 | 11:51 AM

Topics:  

  • Maharashtra Politics
  • Mumbai
  • Mumbai News
  • Pratap Sarnaik
  • Sanjay Nirupam

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.