बढ़ गया मराठी विवाद: संजय निरुपम और मनसे सैनिकों के बीच झड़प, कार की हवा निकाली, फेंकी बोतल
Sanjay Nirupam On Marathi Compulsory: दहिसर में संजय निरुपम की कार पर मनसे का हमला। अमित ठाकरे पर गुणरत्न सदावर्ते का तीखा तंज। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को दबोचा।
- Written By: अनिल सिंह
Sanjay Nirupam MNS Clash Marathi Compulsory (फोटो क्रेडिट-X)
MNS Attack On Sanjay Nirupam: मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा अब सड़कों पर हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया है। शुक्रवार को दहिसर इलाके में उस समय भारी तनाव फैल गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इस झड़प के दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने निरुपम की कार को निशाना बनाया, उनकी गाड़ी की हवा निकाल दी और उन पर बोतलें फेंकी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब संजय निरुपम सरकार के ‘मराठी अनिवार्य’ फैसले का विरोध कर रहे रिक्शा चालकों से संवाद करने दहिसर स्थित एक रिक्शा स्टैंड पहुंचे थे। जैसे ही निरुपम ने चालकों को संबोधित करना शुरू किया, मनसे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और “मराठी विरोधी निरुपम वापस जाओ” के नारे लगाने लगे।
दहिसर में आधे घंटे तक ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा
मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक शिंदे सेना और मनसे के पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। जब निरुपम अपना कार्यक्रम खत्म कर वहां से निकलने लगे, तो मनसे कार्यकर्ता आक्रामक हो गए। उन्होंने निरुपम के वाहन पर पत्थर और पानी की बोतलें फेंकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उपद्रव करने वाले मनसे सैनिकों को हिरासत में लिया। मनसे नेता नयन कदम ने इस हमले का बचाव करते हुए कहा कि जो कोई भी महाराष्ट्र में मराठी का विरोध करेगा, उसे मनसे के अंदाज में जवाब दिया जाएगा।
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सदावर्ते का अमित ठाकरे पर तंज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वकील गुणरत्न सदावर्ते ने मनसे के युवा नेता अमित ठाकरे को निशाने पर लेते हुए विवादित बयान दिया है। दरअसल, अमित ठाकरे ने चेतावनी दी थी कि हड़ताल के दौरान यदि किसी मराठी रिक्शा चालक को रोका गया, तो मनसे उन्हें “सबक” सिखाएगी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सदावर्ते ने मीडिया से कहा, “क्या अमित ठाकरे अब कांस्टेबल या RTO सिपाही बन गए हैं? राज ठाकरे के बच्चे खुद कौन सी भाषा बोलते हैं? उनके भाषणों में समझदारी की कमी है।” सदावर्ते ने अमित ठाकरे का मजाक उड़ाते हुए उनके नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के फैसले ने महायुति के भीतर ही दरार पैदा कर दी है। जहां एक तरफ सरनाईक और मनसे इस फैसले के साथ खड़े हैं, वहीं संजय निरुपम और गुणरत्न सदावर्ते इसे संविधान के खिलाफ बता रहे हैं। 4 मई को प्रस्तावित 15 लाख चालकों की हड़ताल से पहले मुंबई में बढ़ता यह तनाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
