‘रूपाली चाकणकर को सजा बाकियों मजा’, अशोक खरात मामले में रोहित पवार का सुनील तटकरे पर तीखा कटाक्ष
Rohit Pawar Target Sunil Tatkare Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले में रोहित पवार का सुनील तटकरे पर तीखा हमला। बोले- रूपाली चाकणकर को सजा मिली और शक्तिशाली को तीसरा पद मिला।
- Written By: अनिल सिंह
सुनील तटकरे और रूपाली चाकणकर (फोटो क्रेडिट-X)
Rohit Pawar Slams Sunil Tatkare: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त अशोक खरात मामले को लेकर भारी हलचल मची हुई है। इस विवाद की मुख्य धुरी रहीं राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को विपक्ष के साथ-साथ खुद एनसीपी (अजित पवार गुट) के भीतर से ही भारी विरोध और दबाव का सामना करना पड़ा था। इसके चलते उन्हें अपने दोनों ही महत्वपूर्ण पदों को गंवाना पड़ा था। इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब एक तरफ चाकणकर के पद चले गए, तो दूसरी तरफ पार्टी के कद्दावर सांसद सुनील तटकरे कोंकण सीट से विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुन लिए गए। सत्ता के इस असंतुलन को लेकर ही अब रोहित पवार ने महायुति सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।
रोहित पवार का स्पष्ट मानना है कि इस पूरे मामले में न्याय के नाम पर केवल चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि इस गंभीर मामले की जांच को राजनीतिक दिशा दी जा रही है।
अशोक खरात को गुरु मानती थीं रूपाली चाकणकर, सलाह पर लिए फैसले
जांच और सोशल मीडिया पर सामने आए तथ्यों के अनुसार, रूपाली चाकणकर आरोपी अशोक खरात को अपना आध्यात्मिक या राजनीतिक गुरु मानती थीं। यह बात भी खुलकर सामने आई है कि उन्होंने खरात की सलाह और इशारे पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मामलों में सीधा दखल भी दिया था। इसके अलावा, साल 2021 में रूपाली चाकणकर, उनकी बहन प्रतिभा चाकणकर और अशोक खरात द्वारा एक साथ किए गए गुवाहाटी दौरे की पुरानी तस्वीरें अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसी गुवाहाटी दौरे और मां कामाख्या देवी के दर्शन के संदर्भ को आधार बनाकर रोहित पवार ने सुनील तटकरे के खिलाफ मोर्चा खोला है।
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‘एक के घर में तीन-तीन पद, दूसरे ने दो पद गंवाए’, रोहित पवार का ट्वीट
रोहित पवार ने अपने आधिकारिक ट्वीट में इस राजनीतिक खेल की विसंगतियों को उजागर करते हुए लिखा है कि खरात मामले में तीनों सत्ताधारी दलों के बड़े नेता सीधे तौर पर शामिल होने के बावजूद, अब तक केवल एक ही व्यक्ति पर गाज गिरी है। उन्होंने आगे लिखा कि इस लक्षित व्यक्ति के साथ साए की तरह मौजूद रहने वाला दूसरा व्यक्ति राजनीतिक रूप से कहीं अधिक शक्तिशाली है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इस पूरे मामले में उसका नाम तक शामिल नहीं है। पवार ने तंज कसा कि सांसद और मंत्री पद संभालने के बाद भी उस शक्तिशाली नेता ने अब विधान परिषद का पद भी अपने पास रख लिया है।
सत्तेतील तिन्ही घटक पक्षातील नेत्यांचा खरात प्रकरणात थेट संबंध असूनही आतापर्यंत त्यापैकी केवळ एकाच व्यक्तीला टार्गेट करण्यात आलं.. टार्गेट केलेल्या या व्यक्तीसोबत असलेली दुसरी व्यक्ती राजकीयदृष्ट्या अधिक वजनदार असूनही ते मात्र खरात प्रकरणातून नामानिराळे आहेत आणि आता तर खासदारकी… pic.twitter.com/6y3Obh8gvy — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) June 5, 2026
कामाख्या देवी के आशीर्वाद और महाराष्ट्र के अनोखे राजनीतिक खेल पर तंज
अपने तीखे हमले को जारी रखते हुए रोहित पवार ने आगे कहा कि इस मामले में एक व्यक्ति ने तो मां कामाख्या देवी के दरबार में जाने के बाद अपने दोनों ही प्रतिष्ठित पद गंवा दिए। इसके विपरीत, जो दूसरा शक्तिशाली नेता है, उसके घर में पहले से ही दो-दो बड़े पद मौजूद थे और अब उसकी झोली में तीसरा पद भी आ गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में महाराष्ट्र के भीतर यही असली और अनोखा राजनीतिक खेल चल रहा है, जहां रसूखदार लोग हर संकट से बचकर निकल जाते हैं और कमजोरों को सजा भुगतनी पड़ती है। रोहित पवार के इस बयान के बाद अब अजित पवार गुट और सुनील तटकरे की तरफ से क्या पलटवार आता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
