सुनेत्रा पवार की खाली राज्यसभा सीट पर नवनीत राणा की नजर, NCP खेमे में मचा हड़कंप

Navneet Rana Rajya Sabha Seat NCP Sunetra Pawar: सुनेत्रा पवार की खाली राज्यसभा सीट पर नवनीत राणा की नजर, लेकिन अजित पवार की NCP के भीतर शुरू हुआ भारी विरोध।
Sunetra Pawar Navneet Rana
सुनेत्रा पवार की खाली सीट पर नवनीत राणा की नजर (फोटो क्रेडिट-X)
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Navneet Rana Rajya Sabha Seat Sunetra Pawar: महाराष्ट्र में महायुति (महागठबंधन) के भीतर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर आंतरिक खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। अजित पवार गुट के कोटे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर कब्जा जमाने के लिए अमरावती की तेजतर्रार नेता नवनीत राणा ने बड़े पैमाने पर लॉबिंग शुरू कर दी है। राणा दंपति ने इसके लिए मुंबई में जोर-शोर से अपनी राजनीतिक गोटियां सेट करना शुरू कर दिया है। कल दिनभर चली मैराथन मुलाकातों के बाद यह चर्चा तेजी से फैली कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर अजित पवार की एनसीपी नवनीत राणा को राज्यसभा का टिकट थमा सकती है। लेकिन, चौबीस घंटे के भीतर ही अब इस पूरे मामले में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ आ गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस उपचुनाव को लेकर पार्टी ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। पार्टी के भीतर का एक बड़ा धड़ा बाहरी उम्मीदवार को थोपे जाने के पूरी तरह खिलाफ नजर आ रहा है।

नवनीत राणा के नाम पर कोई चर्चा नहीं, अफवाहों पर लगा विराम

एनसीपी सूत्रों ने स्पष्ट रूप से दावा किया है कि नवनीत राणा को राज्यसभा सीट देने के विषय पर पार्टी के भीतर किसी भी स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। खुद पार्टी के कई वरिष्ठ और निष्ठावान नेता इस राज्यसभा उपचुनाव में उतरने के लिए लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में किसी अन्य दल या निर्दलीय पृष्ठभूमि के नेता को पार्टी का कोटा दे देना संगठन के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा सकता है। सूत्रों ने बताया कि आगामी एक-दो दिनों में एनसीपी की कोर कमेटी की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगेगी। इस खुलासे के बाद राणा के नाम को लेकर चल रही अटकलें फिलहाल शांत होती दिख रही हैं।

अमरावती के स्थानीय नेताओं ने खोला नवनीत राणा के खिलाफ मोर्चा

अजित पवार की पार्टी के भीतर नवनीत राणा के नाम का जो तीखा विरोध हो रहा है, उसके पीछे मुख्य वजह अमरावती जिले का स्थानीय राजनीतिक इतिहास है। अमरावती में पिछले कुछ वर्षों में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और नवनीत राणा के आक्रामक रवैये के कारण स्थानीय एनसीपी पदाधिकारी और महायुति के अन्य सहयोगी दल उनसे बेहद नाराज चल रहे हैं। पार्टी के नेताओं का मानना है कि यदि नवनीत राणा को राज्यसभा भेजा जाता है, तो इससे अमरावती और विदर्भ क्षेत्र में पार्टी के अपने जमीनी संगठन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। यही कारण है कि कोर कमेटी की बैठक से पहले ही राणा के नाम को खारिज करने की मांग उठने लगी है।

क्या नवनीत राणा के लिए खुलेगा राज्यसभा का लॉटरी टिकट?

इस कड़े विरोध के बावजूद नवनीत राणा की उम्मीदें पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि उन्हें महायुति के सबसे बड़े दल (बीजेपी) के शीर्ष नेताओं का वरदहस्त प्राप्त माना जा रहा है। कल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने के बाद राणा दंपति ने उपमुख्यमंत्री, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार से भी शिष्टाचार मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या एनसीपी अपने कोटे की सीट भाजपा के दबाव में नवनीत राणा के लिए छोड़ देगी? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नवनीत राणा को वाकई लॉटरी के जरिए राज्यसभा का टिकट मिल पाएगा या एनसीपी अपने आंतरिक विरोध के आगे झुकते हुए किसी अपने ही नेता को मैदान में उतारेगी।

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