NCP की बैठक में भारी बवाल! सुनील तटकरे का फूटा गुस्सा, छगन भुजबल से हुई तीखी बहस; जानें क्या है पूरा मामला

NCP Meeting Controversy: एनसीपी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने खुद और प्रफुल्ल पटेल पर हो रहे हमलों पर नाराजगी जताई, जिसके बाद छगन भुजबल से उनकी तीखी बहस हुई।
Sunil Tatkare Lashes Out in ncp meeting Heated Argument with Chhagan Bhujbal
सुनील तटकरे, छगन भुजबल और प्रफुल पटेल (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sunil Tatkare Vs Chhagan Bhujbal: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की मंगलवार को हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पार्टी के अंदर और बाहर हो रही आलोचना को लेकर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में मेरे अलावा पार्टी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन हमारे बचाव में कोई भी नेता सामने नहीं आया। इस मुद्दे को लेकर तटकरे और मंत्री छगन भुजबल के बीच तीखी बहस हुई।

बैठक में फूटा सुनील तटकरे का गुस्सा

बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर असंतोष, विलय की बातचीत और नेतृत्व की भूमिकाओं को लेकर सुनील तटकरे द्वारा खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद माहौल गरमा गया। तटकरे ने कहा कि पार्टी प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद उन्होंने और प्रफुल पटेल ने पार्टी को एकजुट रखने की बड़ी जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व को मजबूत करने का भी प्रयास किया। हालांकि, इस दौरान पार्टी में लिए गए विभिन्न निर्णयों की आलोचना हो रही थी लेकिन कोई भी नेता उनका बचाव करने के लिए आगे नहीं आया, जिस पर तटकरे ने नाराजगी व्यक्त की।

बचाव में कोई नहीं आया आगे: सुनील तटकरे

तटकरे ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चा के दौरान भी हम दोनों आलोचनाओं के निशाने पर थे। लेकिन पार्टी में किसी ने भी हमारा समर्थन नहीं किया। तटकरे ने बैठक में सवाल उठाया कि सिर्फ प्रफुल पटेल और मैं ही आलोचनाओं का निशाना क्यों बनें। उनके इस रुख से बैठक में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

छगन भुजबल ने तटकरे को रोका

जब सुनील तटकरे बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे, तभी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने उन्हें टोकने और शांत कराने की कोशिश की। लेकिन भुजबल के टोकने पर तटकरे और ज्यादा आक्रामक हो गए। सूत्रों के अनुसार उन्होंने भुजबल से दृढ़ता से कहा कि आज मैं इस मुद्दे पर बोलूंगा और पार्टी को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि ऐसा माना जा रहा है कि तटकरे के बोलने से पहले ही पार्थ पवार बैठक छोड़कर चले गए थे। साथ ही, यह भी पता चला है कि इतनी लंबी चर्चा के बावजूद उपस्थित विधायकों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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