Rohit Pawar Press Conference on Ajit Pawar Death (डिजाइन फोटो)
Rohit Pawar Press Conference: मुंबई में आयोजित एक भावुक और आक्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी (SCP) विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर शासन और प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। रोहित पवार ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा मानकों और तकनीकी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं किया जाता, तो अजित पवार आज जिंदा होते। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के पीछे के कड़वे सच को जानबूझकर छिपाया जा रहा है और जनता को केवल ‘दुर्घटना’ की कहानी सुनाई जा रही है।
रोहित पवार ने 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए उस भयावह विमान हादसे के कई ऐसे पहलू उजागर किए, जो अब तक फाइलों में दबे हुए थे।
लाईव्ह |📍मुंबई | पत्रकारांशी संवाद |🗓️10-02-2026 https://t.co/9XAKinUZZx — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 10, 2026
रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने पूछा कि विमान के इंजन में खराबी की प्रारंभिक रिपोर्टों के बावजूद उसे उड़ान भरने की अनुमति किसने दी? रोहित ने दावा किया कि उनके पास ऐसी जानकारी है जो बताती है कि विमान के ‘मेंटेनेंस लॉग’ में कुछ विसंगतियां थीं। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा, “अजित दादा की सुरक्षा से समझौता क्यों किया गया? क्या वीवीआईपी (VVIP) उड़ानों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था? यदि हाँ, तो लैंडिंग के समय विमान में अचानक आग कैसे लगी?” उन्होंने सरकार पर तथ्यों को दबाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि सच्चाई सामने आने से किसे डर लग रहा है।
रोहित पवार ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें ‘पायलट की गलती’ को हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पायलट सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक बेहद अनुभवी थे। रोहित ने साक्ष्य पेश करते हुए बताया कि विमान के VT-SSK Learjet 45 मॉडल में पहले भी हाइड्रोलिक फेलियर की समस्या देखी गई थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या विमान के रडार और एटीसी (ATC) संचार में कोई बाहरी बाधा उत्पन्न की गई थी? उन्होंने मांग की कि विमान के ब्लैक बॉक्स (CVR/FDR) की जांच किसी अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में रोहित पवार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अजित पवार केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के विकास का पावरहाउस थे। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और उन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए जो इस विमान की फिटनेस के लिए जिम्मेदार थे। रोहित ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ नहीं किया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।