लातूर में ‘ननद-भाभी’ का चुनावी महामुकाबला, सिर्फ 2 वोटों के अंतर से कांग्रेस की ननद ने बीजेपी की भाभी को हराया
Latur Zilla Parishad Results 2026: लातूर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस की आशा भिसे ने अपनी भाभी और बीजेपी उम्मीदवार सरिता भिसे को मात्र 2 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- Written By: अनिल सिंह
Nanad vs Bhabhi Election Latur (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Nanad vs Bhabhi Election Latur: महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक ऐसी चुनावी कहानी सामने आई है, जिसने लोकतंत्र के रोमांच को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है। लातूर की रेनापुर तहसील के कामखेड़ा जिला परिषद समूह में चुनावी जंग महज एक राजनैतिक लड़ाई नहीं, बल्कि एक ही परिवार के भीतर ‘ननद बनाम भाभी’ का मुकाबला बन गई थी। 7 फरवरी को हुए मतदान के बाद जब 9 फरवरी को परिणाम आए, तो पूरा जिला दंग रह गया। यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार (ननद) ने अपनी ही सगी भाभी (बीजेपी उम्मीदवार) को मात्र 2 वोटों के अविश्वसनीय अंतर से मात दी।
पारिवारिक रिश्तों और राजनैतिक विचारधाराओं के इस टकराव ने लातूर के स्थानीय निकाय चुनावों को पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है।
विचारधाराओं की जंग और 2 वोटों का ‘जादू’
कामखेड़ा सीट पर मुकाबला सीधा और कड़ा था। कांग्रेस ने आशा भिसे पर भरोसा जताया था, जबकि बीजेपी ने उनकी भाभी सरिता भिसे को मैदान में उतारा था। दोनों ही परिवारों और इलाके में गहरी पैठ रखती थीं, जिसके कारण प्रचार के दौरान भी वोटरों में भारी असमंजस था। मतगणना के अंतिम दौर तक दोनों के बीच कांटे की टक्कर चलती रही। जब अंतिम परिणाम घोषित हुआ, तो ननद आशा भिसे को 6871 वोट मिले, जबकि उनकी भाभी सरिता भिसे के खाते में 6869 वोट आए। महज 2 वोटों की इस जीत ने साबित कर दिया कि स्थानीय चुनावों में हर एक वोट की कीमत क्या होती है।
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लातूर के रेनापुर में ‘पावर गेम’
इस चुनाव परिणाम ने लातूर की स्थानीय राजनीति में भिसे परिवार के प्रभाव को तो दिखाया ही, साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि यहाँ बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमीनी स्तर पर कितनी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। हार-जीत का इतना कम अंतर होने के कारण मतगणना केंद्र पर तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन अंततः चुनाव आयोग ने आशा भिसे की जीत पर मुहर लगा दी। जीत के बाद आशा भिसे ने इसे जनता के विश्वास की जीत बताया, वहीं सरिता भिसे के समर्थकों ने इतनी कम दूरी से मिली हार पर मायूसी जताई।
जिला परिषद चुनावों का समग्र परिणाम
लातूर सहित महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के नतीजे महायुति (बीजेपी-एनसीपी-शिंदे सेना) के पक्ष में रहे हैं। पूरे राज्य में बीजेपी ने 233 सीटें जीतकर नंबर एक का स्थान हासिल किया है, जबकि अजित पवार गुट की एनसीपी 167 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। हालांकि, कामखेड़ा जैसे छोटे निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कड़ी टक्कर दी है। यह चुनाव आने वाले विधानसभा और स्थानीय चुनावों के लिए एक ट्रेलर माना जा रहा है, जहाँ पारिवारिक रिश्तों से ज्यादा राजनैतिक समीकरणों पर जनता अपनी मुहर लगा रही है।
