Rohit Pawar Letter to Amit Shah (डिजाइन फोटो)
Rohit Pawar On DGCA Inquiry: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर अपनी आवाज और बुलंद कर दी है। रोहित पवार ने अब सीधे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने न केवल गृह मंत्रालय, बल्कि नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और डीजीसीए (DGCA) को भी ई-मेल भेजकर अपनी तकनीकी चिंताओं से अवगत कराया है।
रोहित पवार का कहना है कि इस पत्र का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि उस ‘सच’ को सामने लाना है जो अब तक पर्दे के पीछे छिपा हुआ है।
अजितदादांच्या विमान अपघाताबाबत अनेक शंका निर्माण झाल्या असून तथ्यांसह या शंका पत्रकार परिषदेच्या माध्यमातून जनतेपुढे मांडल्या. याच विषयावर गृहमंत्री अमित शाह साहेब, नागरी उड्डाणमंत्री राम मोहन नायडू जी तसेच DGCA ची भेट घेण्याचा प्रयत्न केला, परंतु भेट होऊ शकली नाही. त्यामुळं… pic.twitter.com/d9idqNifFJ — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 14, 2026
विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर उन पत्रों और ई-मेल की तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें उन्होंने केंद्र सरकार को भेजा है। उन्होंने एक विस्तृत प्रस्तुति (Presentation) भी संलग्न की है, जिसमें दुर्घटना के समय की तकनीकी विसंगतियों को दर्शाया गया है। रोहित पवार ने दावा किया कि 28 जनवरी को हुए इस हादसे में साजिश की आशंका के पर्याप्त कारण हैं। उनका मुख्य सवाल यह है कि यदि विमान पूरी तरह सुरक्षित था, तो ऐन मौके पर ऐसी क्या स्थिति बनी कि उसने अपना नियंत्रण खो दिया?
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रोहित पवार ने पहले भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान VSR वेंचर्स, बुकिंग संभालने वाली कंपनी एरो और पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर संदेह जताया था। उन्होंने गृहमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट किया:
जांच की सुस्त रफ्तार: रोहित के अनुसार, आधिकारिक जांच एजेंसियां बहुत धीमी गति से काम कर रही हैं, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ जाती है।
निजी जांच का हवाला: उन्होंने बताया कि उनकी टीम और दोस्तों ने उन लोगों के माध्यम से जानकारी जुटाई है जो विमानन क्षेत्र से जुड़े हैं।
पारदर्शिता की मांग: उन्होंने मांग की है कि जांच की हर छोटी रिपोर्ट को जनता के सामने रखा जाए ताकि किसी भी तरह की अटकलों की गुंजाइश न रहे।
पत्र में रोहित पवार ने भावुक होते हुए लिखा कि इस जानकारी को जुटाने के पीछे उनका एकमात्र मकसद अजित दादा से मिला प्यार और भरोसा है। उन्होंने साफ किया कि उनका आरोप सरकार या डीजीसीए के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार हर संभव तरीके से सच्चाई को सामने लाए। रोहित ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह महज एक तकनीकी विफलता थी या इसके पीछे किसी का सोची-समझी योजना थी। उनके इस पत्र के बाद अब केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।