सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी का बड़ा कदम, 30 हजार आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर की तैयारी
Supreme Court के निर्देश के बाद बीएमसी ने मुंबई में 30 हजार स्ट्रीट डॉग के पुनर्वास के लिए बड़े शेल्टर होम की प्रक्रिया शुरू की है। संवेदनशील क्षेत्रों से कुत्तों को हटाने की योजना बनाई गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
आवारा कुत्ते (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai BMC Dog Shelter Plan: मुंबई में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अदालत ने सभी स्थानीय प्राधिकरणों को स्कूल, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, एयरपोर्ट, अस्पताल और सार्वजनिक पार्क जैसे संवेदनशील स्थानों के आसपास से स्ट्रीट डॉग को हटाने के निर्देश दिए हैं।
30 हजार कुत्तों के लिए बड़े शेल्टर की योजना
बीएमसी ने बड़े पैमाने पर डॉग शेल्टर होम विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए निगम ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं, ताकि इच्छुक एजेंसियां शेल्टर निर्माण और संचालन के लिए आवेदन कर सकें। योजना के तहत करीब 30 हजार स्ट्रीट डॉग को शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
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सार्वजनिक सुरक्षा पर जोर
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण पाना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। खासतौर पर बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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संतुलित प्रबंधन की तैयारी
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, शेल्टर होम में कुत्तों के लिए भोजन, टीकाकरण, नसबंदी और स्वास्थ्य देखभाल की उचित व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है। अब यह देखना अहम होगा कि शेल्टर होम की स्थापना और पुनर्वास की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और इससे शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर कितना असर पड़ता है।
