Sanjay Raut on Jay Shah (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
India vs Pakistan Cricket Controversy: शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा जुबानी हमला बोला है। मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इस मुकाबले को खेल के बजाय एक “आर्थिक रैकेट” करार दिया। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि यह मैदान पर भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला नहीं है, बल्कि असल में यह ‘जय शाह बनाम पाकिस्तान’ का मैच है, जिसे केवल भारी मुनाफे के लिए आयोजित किया जा रहा है।
संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पर तनाव और आतंकवाद को लेकर देश में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंधों को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान मैच से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा अंततः भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल होता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले मैचों से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यही पैसा पहलगाम और पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के लिए फंडिंग का जरिया बनता है।” उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (सिंधु नदी जल समझौता/प्रोजेक्ट्स) जैसे महत्वपूर्ण कदमों पर विचार कर सकती है, लेकिन क्रिकेट मैच नहीं रोकती क्योंकि इससे करोड़ों का सट्टा और पैसा जुड़ा है।
राउत ने बीजेपी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ‘राष्ट्रवाद’ के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान में टीपू सुल्तान को नायक माना जाता है और वहां उनकी मूर्तियां व पाठ्यक्रम मौजूद हैं।
पाखंड का आरोप: राउत ने कहा, “अगर आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं, तो आप टीपू सुल्तान का सम्मान करने वाले देश की मदद कर रहे हैं। बीजेपी इसकी निंदा क्यों नहीं करती?”
सट्टेबाजी का केंद्र: उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा सट्टेबाजी का रैकेट गुजरात और राजस्थान से संचालित होता है और इसी धन से पाकिस्तान भारत में अस्थिरता फैलाता है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने पर मचे घमासान पर भी राउत ने अपनी राय रखी।
तुलना का विरोध: संजय राउत ने स्पष्ट किया कि टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना कतई नहीं की जा सकती। शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है।
मूल मुद्दा: उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बयान पर चर्चा हो सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बीजेपी में इतनी देशभक्ति बची है कि वह पाकिस्तान के साथ क्रिकेट का बहिष्कार करे? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार करोड़ों के राजस्व के आगे शहीदों के बलिदान को भूल गई है?