मुंबई में ‘बिहार भवन’ पर महासंग्राम! आठवले ने राज को दी चेतावनी, बोले- महाराष्ट्र की बदनामी का कारण ठाकरे
Maharashtra Politics: बई में बिहार भवन के विरोध पर भड़के रामदास आठवले, राज ठाकरे को दी सीधी चेतावनी। कहा- संविधान न मानने वालों को देश में रहने का हक नहीं। पढ़ें पूरी खबर।
- Written By: प्रिया जैस
रामदास आठवले और राज ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Ramdas Athawale on Raj Thackeray: राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे की ओर से मुंबई में बिहार भवन के निर्माण का विरोध करने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने राज ठाकरे की इस भूमिका को असंवैधानिक बताते हुए चेतावनी दी है कि जो लोग इस देश के संविधान को नहीं मानते, उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
बिहार या झारखंड भवन का विरोध करने वालों का उनकी पार्टी आरपीआई खुलकर खिलाफत करेगी। आठवले ने कहा है कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी होने के साथ-साथ भारत की आर्थिक राजधानी भी है। हम राज की संविधान विरोधी भूमिका की कड़ी आलोचना करते हैं।
राज के रवैये से महाराष्ट्र की हो रही बदनामी
राज ठाकरे को ऐसी भूमिका नहीं अपनानी चाहिए, जिससे महाराष्ट्र की बदनामी हो। संविधान ने सभी भारतीयों को देश में कहीं भी रहने और व्यापार करने का अधिकार दिया है। इसलिए मुंबई में बिहार भवन और झारखंड भवन के निर्माण का विरोध करना असंवैधानिक है।
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डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने भारत में सभी को भोजन, कपड़ा और मकान का अधिकार दिया है। सभी को समान अधिकार दिए हैं। इस देश का कोई भी नागरिक देश के किसी भी राज्य में रह सकता है और अपना गुजारा कर सकता है। लेकिन राज ठाकरे भेदभाव और गैर-बराबरी का भूमिका निभाते हैं। रामदास आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में रोजी-रोटी के लिए आने वाले मजदूरों का विरोध करना गलत है।
मराठी बोलने का दबाव या मारपीट जैसी हिंसक भूमिका अपनाना गलत है। मराठी लोगों ने मुंबई में रहने वाले माइग्रेंट्स का साथ दिया है और उनके साथ प्यार से पेश आए हैं। मुंबई ने पूरे देश के लोगों को प्यार और अपनापन दिया है। भाईचारा दिया है। लेकिन राज इसे तोड़ने का रोल निभाते हैं।
