डीआरएम में रेलवे का प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत)
ISF Services Railway: युवक-युवतियों से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 3 से 15 लाख रुपये ऐंठकर उन्हें ठेकेदार की कंपनी में 5-6 हजार रुपये महीने की नौकरी देकर फंसाया गया है। ऐसे युवक-युवतियों की शिकायत पर शिवसेना यूबीटी नेता नितिन तिवारी ने मध्य रेलवे डीआरएम कार्यालय पर मोर्चा निकाला और जीआरपी थाने का घेराव किया।
तिवारी ने डीआरएम विनायक गर्ग से मुलाकात कर बताया कि नागपुर, गोधनी, बल्लारशाह, आमला में आईएसएफ सर्विसेज नामक ठेकेदार के अंतर्गत काम कर रहे सीआरएम, सीपीएम, वाकी-टाकी, बॉक्स बॉय, सैंड बॉय जैसे कामगारों से जरीपटका स्थित एक कंसल्टेंसी कंपनी के गिरोह ने रेलवे में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 3 से 15 लाख रुपये लिए और उन्हें उपरोक्त ठेकेदार एजेंसियों में काम करने को कहा। पिछले कई वर्षों से कामगारों के अकाउंट में मात्र 5 से 6 हज़ार रुपए का ही वेतन अलग-अलग माध्यम से भेजा जा रहा है।
ठेकेदार कंपनी ने बिना कामगारों की जानकारी के उनके नाम का सैलरी अकाउंट नागपुर की अलग-अलग बैंकों में खुलवा रखा है जिसकी पासबुक और एटीएम कार्ड ठेकेदार द्वारा पाले गए वसूली गिरोह के पास हैं। उन्हीं एटीएम कार्ड का उपयोग करके ठेकेदार औरंगाबाद, ठाणे, भुसावल और जलगांव से कामगारों की वेतन राशि विड्रॉल करता है और उन्हें मात्र 5 से 6 हजार रुपए माफियाओं के माध्यम से देता है।
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बॉक्स बॉय का पिछले 4 वर्षों से कोई पीएफ भी नहीं जमा किया गया। अधिकार मांगने पर उनके साथ मारपीट की जाती है और नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। तिवारी ने इसके पूरे सबूत भी उन्हें दिए और तत्काल प्रभाव से पूरे रैकेट पर मामला दर्ज करने और आईएसएफ सर्विसेज का ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की।
डीआरएम ने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने के आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुन्ना तिवारी, प्रीतम कापसे, ललित बावनकर, भूपेन्द्र कठाने, कार्तिक करोसिया, मुकेश सूर्यवंशी, नीलेश मून, शुभम तिजारे के साथ बड़ी संख्या में पीड़ित कामगार उपस्थित थे।