मंत्री अतुल सावे (डिजाइन फोटो)
Chhatrapati Sambhajinagar Solar Energy Project: छत्रपति संभाजीनगर में नई जलापूर्ति योजना के अंतर्गत पानी लाने के लिए लगभग साढ़े तीन हजार अश्वशक्ति क्षमता के पंपों का उपयोग किया जाएगा। इसके कारण मनपा के बिजली बिल में काफी वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में मनपा यदि 100 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प का प्रस्ताव शीघ्र भेजता है तो उसे तत्काल मंजूरी दी जाएगी। यह जानकारी राज्य के अपारंपरिक ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने मनपा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले पांच वर्षों में शहर के विकास में बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। स्थायी समिति सभापति पद के चुनाव के बाद अतुल सावे ने पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर मनपा आयुक्त जी। श्रीकांत भी उपस्थित थे। सावे ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में शहर को पानी मिलना शुरू हो जाएगा। गुढी पाडवा के दिन जायकवाड़ी बांध से पानी जैकवेल में लिया जाएगा और उसके बाद पानी उठाने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि 200 एमएलडी पानी शहर तक पहुंचने के लिए जायकवाड़ी में दो बड़े पंप लगाए गए हैं। इनमें से एक पंप की क्षमता 3700 अश्वशक्ति है।
इतने बड़े पंपों को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी, जिससे बिजली खर्च में काफी बढ़ोतरी होगी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मनपा द्वारा सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का विकल्प सामने आया है। इसके लिए शहर के आसपास किराये पर जमीन लेकर सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
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छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने प्रारंभ में 50 मेगावाट का प्रकल्प स्थापित करने की योजना व्यक्त की थी, लेकिन मंत्री अतुल सावे ने प्रशासन को 100 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प का प्रस्ताव भेजने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव प्राप्त होते ही उसे तुरंत मंजूरी दी जाएगी। इस परियोजना से मनपा को आने वाले लगभग 50 वर्षों तक आर्थिक लाभ मिलेगा और बिजली खर्च में भी बड़ी बचत होगी।