

मुंबई: मुंबई के वर्ली डोम में जल्लोष के साथ विजय मोर्चा आयोजित किया जा रहा है। इस मोर्चे के दौरान दोनों ठाकरे बंधु एक साथ नजर आए। कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर पहुंच गए हैं। बता दें कि 20 साल बाद ऐसा मौका आया है कि दोनों भाई एक साथ मंच पर आए हैं। इस दौरान दोनों ने मिलकर एक साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर हार चढ़ाया।
विजय मोर्चा में राज ठाकरे ने जनता को संबोधित किया। संबोधन के दौरान राज ने कहा, "मुझे हिंदी भाषा बुरी नहीं लगती। कोई भी भाषा बुरी नहीं होती चाहे वो हिंदी हो, गुजराती हो बंगाली हो कोई भी भाषा हो। किसी भी भाषा को खड़ा करने के लिए बरसों की तपस्या लगती है। ये हिंदी भाषा तो सिर्फ 200 साल पुरानी है।"
राज ठाकरे ने मराठी पर हुए आक्रमण पर बात करते हुए कहा, "मुंबई को कोई तिरछी नजर ने नहीं देखेगा। मेरी सत्ता सड़क पर है। महाराष्ट्र जब सुलगता है तब समझ में आता है। हमने इस भारतीय प्रांत पर 125 साल तक शासन किया। क्या हमने मराठी थोपी? हम गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, अटक पहुंचे। क्या हमने इसे थोपा? हिंदी 200 साल पुरानी भाषा है। यह महाराजा के समय में भी नहीं थी।"
राज ने कहा, "आइए देखें कि भाषा को नियंत्रित करने की कोशिश करके क्या मुंबई को आज़ाद किया जा सकता है। अगर महाराष्ट्र शांतिपूर्ण रहा, तो हम यह कदम आगे बढ़ाएंगे। महाराष्ट्र पर हाथ रखकर दिखाएं फिर हम बताएंगे कि यह किसकी मातृभूमि हैं। मुंबई पर हाथ रखकर दिखाओ। क्या आपको लगा कि यह मज़ाक था? सिर्फ हम शांत हैं इसका मतलब यह नहीं है कि हम पागल हैं।”
राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से कहा, "डांटने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा ड्रामा करते हैं, तो आपको कुछ कहना चाहिए। लेकिन यह उनकी गलती होनी चाहिए। अगर आप कभी मारपीट जैसा कुछ करते हैं, तो उसका वीडियो न बनाएं। क्या आप जानते हैं? जो मारता है वह कभी नहीं बताता है। जिसे पीटा जाता है वह बताता है। मुझे पीटा गया। उन्हें बताने दो। लेकिन किसी को मत डांटो।"