‘मुंबई सबकी है, राज ठाकरे की सोच असंवैधानिक’: TMC नेता माजिद मेमन की मनसे प्रमुख को दो टूक
Mumbai News: टीएमसी नेता माजिद मेमन ने राज ठाकरे के 'मराठी मानुष' वाले बयानों को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने मुंबई के विकास में सबका योगदान बताते हुए भाजपा और भड़काऊ राजनीति की आलोचना की।
- Written By: आकाश मसने
राज ठाकरे व टीएमसी नेता माजिद मेमन (सोर्स: सोशल मीडिया)
TMC leader Majid Memon On Raj Thackeray Statement: महाराष्ट्र में मनसे और शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त रैली के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है। टीएमसी नेता माजिद मेमन ने राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों के प्रति दिए गए बयानों और ‘मराठी अस्मिता’ की राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह से लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया है।
मुंबई के विकास में सबका हक: माजिद मेमन
महाराष्ट्र की राजनीति में मनसे और शिवसेना (यूबीटी) की जुगलबंदी के बीच राज ठाकरे के बयानों ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। टीएमसी नेता माजिद मेमन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मनसे का यह दावा कि मुंबई या महाराष्ट्र केवल मराठी लोगों का है, पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने तर्क दिया कि मुंबई आज अगर देश की आर्थिक राजधानी है, तो इसके पीछे केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि भारत के हर राज्य से आए लोगों का खून-पसीना और समान योगदान है। मेमन के अनुसार, किसी एक भाषा या वर्ग के आधार पर शहर पर अधिकार जताना देश की एकता के खिलाफ है।
‘मराठी मानुष’ के नाम पर भावनात्मक राजनीति का खेल
राज ठाकरे द्वारा अपनी रैलियों में यह कहना कि ‘मराठी मानुष के लिए यह आखिरी चुनाव है’, माजिद मेमन की नजर में केवल एक चुनावी स्टंट है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में चुनावों का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता, तो इसे ‘आखिरी’ कहना केवल मतदाताओं को डराने और भावनात्मक लाभ लेने का प्रयास है। मेमन ने स्पष्ट किया कि ऐसे विवादित मुद्दे केवल चुनाव जीतने के लिए उछाले जाते हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं होता।
सम्बंधित ख़बरें
Ajit Pawar Anniversary: महिलाओं के बीच क्यों लोकप्रिय रहे अजित दादा? पर्दे के पीछे सुनेत्रा पवार की मेहनत
महाराष्ट्र में भड़की दिल्ली आंदोलन की चिंगारी, 23 को बहुजन वंचित अघाड़ी ने किया बंद का आह्वान
पूरी तरह मैदान में उतरे उद्धव ठाकरे, जंतर-मंतर पहुंचकर करेंगे आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन
Mumbai CJP Protest Action: मुंबई पुलिस का बड़ा क्रैकडाउन; 8 थानों में 900 से ज्यादा लोगों पर एफआईआर
भाजपा के ‘हिंदुत्व’ और भड़काऊ बयानों पर तीखा प्रहार
मेमन ने केवल क्षेत्रीय राजनीति ही नहीं, बल्कि भाजपा और उसके नेताओं के बयानों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने नितेश राणे के उस बयान को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बताया जिसमें कहा गया था कि केवल ‘तिलकधारी’ ही प्रधानमंत्री बनेगा। मेमन ने इसे राणे का निजी सपना करार देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे भड़काऊ बयानों का कोई स्थान नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा के ‘कांग्रेस मुक्त’ या ‘मुस्लिम मुक्त’ जैसे नारों की भी आलोचना की और कहा कि धर्म को बढ़ावा देना अधिकार हो सकता है, लेकिन यह दूसरे धर्मों के अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए।
यह भी पढ़ें:- ‘काटिए मेरे पैर, मैं मुंबई आ रहा हूं’, राज ठाकरे की धमकी पर अन्नामलाई का पलटवार, महाराष्ट्र में सियासी तूफान
बंगाल में ईडी की कार्रवाइयों पर भी बोले मेमन
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चर्चा करते हुए मेमन ने आई-पैक (I-PAC) पर हुई ईडी की छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पता है कि वे बंगाल में ममता बनर्जी को आसानी से नहीं हरा सकते, इसलिए वे ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता पूरी तरह से ममता सरकार के साथ है और भाजपा की ये रणनीतियां वहां सफल नहीं होंगी।
लोकतांत्रिक मर्यादा की वकालत
माजिद मेमन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के सुरक्षा संबंधी बयानों को उनका ‘संवैधानिक कर्तव्य’ बताया। वहीं, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर उन्होंने मणिशंकर अय्यर के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध के बजाय बातचीत ही तनाव खत्म करने का सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के विधायक अरुणाभ सेन द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को दी गई धमकी की भी निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा या धमकी की भाषा का कोई स्थान नहीं है और सभी नेताओं को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
