राज ठाकरे ने अशोक खरात कांड को बताया राज्य के पतन का संकेत, फडणवीस सरकार से पूछे चुभते सवाल
Raj Thackeray On Ashok Kharat Case: राज ठाकरे ने अशोक खरात मामले में सरकार को घेरा। उन्होंने इसे महाराष्ट्र की बौद्धिक विरासत का अपमान और राजनीतिक पतन का संकेत बताते हुए कड़ी सजा की मांग की।
- Written By: अनिल सिंह
Raj Thackeray On Ashok Kharat Case (फोटो क्रेडिट-X)
Raj Thackeray On Fake Baba Case: नासिक के अशोक खरात मामले ने महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक शुचिता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राज्य के ‘सांस्कृतिक पतन’ का संकेत बताया है। राज ठाकरे ने न केवल ढोंगी बाबा की आलोचना की, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी कटघरे में खड़ा किया है।
राज ठाकरे ने इस बात पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया कि संतों और समाज सुधारकों की भूमि पर एक ‘नीच’ व्यक्ति राजनेताओं के संरक्षण में महिलाओं का शोषण कैसे करता रहा।
‘अंधविश्वास और निर्लज्जता का भयावह मेल’: राज ठाकरे का प्रहार
राज ठाकरे ने खरात मामले की घिनौनी हकीकत पर क्षोभ जताते हुए कहा कि यह देखकर सिर चकरा जाता है कि लोग किसी ‘अलौकिक शक्ति’ के लालच में ऐसे ढोंगियों पर भरोसा कर लेते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा का हवाला देते हुए कहा, “जिस राज्य को संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम, गाडगे बाबा और प्रबोधनकार ठाकरे जैसे महान व्यक्तित्वों ने चेतना दी, वहां अशोक खरात जैसा व्यक्ति उत्पात मचाता है। यह बेहद भयावह है कि आज के नेता तर्क को छोड़कर ऐसे पाखंडियों के पीछे भाग रहे हैं।”
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सत्ता का चक्र और ‘चमत्कार’ की भूख: राजनीति पर तंज
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति को ‘खोखली चिंताओं’ का चक्र बताया। उन्होंने कहा कि विधायक बनने से लेकर मंत्री पद पाने और उसे बचाने की होड़ में नेता इतने अंधे हो गए हैं कि वे खरात जैसे लोगों के ‘चमत्कार’ के झांसे में आ जाते हैं। ठाकरे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि 2013 में अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक पास करने वाले कई विधायक आज खुद संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने मंत्रियों के साथ साठगांठ रखने वाले उन अधिकारियों पर भी निशाना साधा जो किसी भी कीमत पर सत्ता से चिपके रहना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधे सवाल: ‘गठबंधन के लोगों की भनक क्यों नहीं लगी?’
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेरते हुए पूछा कि यदि सरकार इस मामले की जांच का श्रेय लेना चाहती है, तो उन्हें यह बताना होगा कि जब उनके ही गठबंधन के नेताओं के नाम इस मामले में सामने आ रहे थे, तब उन्हें इसकी भनक क्यों नहीं लगी? उन्होंने इस आशंका को भी हवा दी कि क्या इस मामले का इस्तेमाल किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को दबाने के लिए किया जा रहा है? ठाकरे ने मीडिया से अपील की कि वे इस मुद्दे को तब तक जीवित रखें जब तक अशोक खरात को कड़ी सजा नहीं मिल जाती।
