Rail Neer Production Ambernath Plant (फोटो क्रेडिट-X)
IRCTC Rail Neer Price Cut: मुंबईकरों और रेल यात्रियों के लिए गर्मी की दस्तक से पहले एक राहत भरी खबर आई है। रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले भरोसेमंद और किफायती ‘रेल नीर’ का उत्पादन अब दोगुना होने जा रहा है। भारतीय रेलवे ने अंबरनाथ स्थित प्लांट में दूसरी प्रोडक्शन लाइन को मंजूरी दे दी है, जिससे पानी की किल्लत दूर होगी और यात्रियों को निजी वेंडरों की मनमानी कीमतों से निजात मिलेगी।
इस परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2026 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है और इसे अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।
वर्तमान में अंबरनाथ साइट पर केवल एक प्रोडक्शन लाइन कार्यरत है, जिससे प्रतिदिन लगभग 14,500 बोतलों का उत्पादन होता है। दूसरी लाइन चालू होने के बाद यह क्षमता सीधे दोगुनी होकर 29,000 बोतल प्रतिदिन हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ भीषण गर्मी के दौरान होगा, जब स्टेशनों पर पानी की मांग बढ़ जाती है और निजी वेंडर 15 रुपये की बोतल के बदले 20 रुपये तक वसूलते हैं। नई लाइन से न केवल स्टॉक बढ़ेगा, बल्कि कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी।
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रेलवे ने यात्रियों को एक और खुशखबरी दी है। उत्पादन बढ़ने के साथ ही ‘रेल नीर’ की कीमतों में भी कमी आएगी। पहले जो 1 लीटर की बोतल 15 रुपये में मिलती थी, अब वह 14 रुपये में उपलब्ध होगी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल छोटी बोतलों (500 मिली) का उत्पादन बढ़ाना संभव नहीं है। प्रीमियम ट्रेनों में 1 लीटर की बोतल का ही मानक तय किया गया है। छोटी बोतल बनाने के लिए पूरे मैन्युफैक्चरिंग सेटअप को बदलना पड़ता है, जिसमें समय की बर्बादी होती है, इसलिए केवल शताब्दी ट्रेनों के लिए ही 500 मिली की बोतलें सीमित रखी गई हैं।
मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल नीर‘ की मांग आपूर्ति से कहीं अधिक है। गर्मी के दिनों में स्टॉक खत्म होने का फायदा उठाकर निजी वेंडर यात्रियों से अधिक पैसे वसूलते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने अंबरनाथ साइट के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे अब अंतिम हरी झंडी मिल गई है। नई लाइन चालू होने से सप्लाई चेन मजबूत होगी और यात्रियों को शुद्ध व सुरक्षित पानी तय सरकारी दरों पर हर स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में मिल सकेगा।