अभी न करें बुवाई, धैर्य रखें किसान; महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी की किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी
Maharashtra Farmers Warning: CMO ने किसानों के लिए मानसून और जल्दबाजी में बुवाई न करने को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका जारी की है। जानें बिजली से सुरक्षा और खेती से जुड़े सीएम के खास निर्देश।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
CMO Advisory For Farmers: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से महाराष्ट्र के किसानों के लिए मानसून और बुवाई को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण चेतावनी और मार्गदर्शिका जारी की गई है। इस संदेश में मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे बुवाई में बिल्कुल भी जल्दबाजी न करें, क्योंकि समय से पहले की गई बुवाई से भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
बुवाई के लिए स्थिर बारिश का इंतजार करें
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी संदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के कुछ हिस्सों में 1 जून से तूफानी बारिश (Pre-monsoon) शुरू होने का अनुमान है, लेकिन किसान भाई इसे मानसून समझने की गलती न करें। संदेश में जोर देकर कहा गया है कि जब तक मानसून का आधिकारिक आगमन नहीं होता और बारिश स्थिर नहीं हो जाती, तब तक बुवाई का नियोजन न करें। बिना पर्याप्त और नियमित वर्षा के बीज बोने से वे खराब हो सकते हैं, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई का खर्च वहन करना पड़ सकता है।
मानसून की स्थिति और क्षेत्रीय पूर्वानुमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी सांझा कि मानसून अभी तक केरल भी नहीं पहुँचा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में 10 जून तक मानसून के आगमन की कोई संभावना नहीं है।
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मौसम के मिजाज को लेकर बताया गया है कि
विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, खानदेश और कोंकण के कुछ हिस्सों में दोपहर के बाद बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ मानसून-पूर्व बारिश होने की संभावना है। इस बारिश से तापमान में कुछ गिरावट जरूर आएगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
हालांकि, पूर्वी विदर्भ के कुछ इलाकों में लू और भीषण गर्मी का प्रभाव अभी भी बना रह सकता है।
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बिजली से सुरक्षा के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने केवल खेती ही नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और उनके पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। मानसून-पूर्व होने वाली इस बारिश के दौरान बिजली कड़कने की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए निम्नलिखित सुरक्षा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
- बिजली चमकते समय किसी भी पेड़ के नीचे, टिन शेड के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों।
- ट्रांसफॉर्मर और खुली विद्युत वाहिनियों (बिजली की लाइनों) से उचित दूरी बनाए रखें।
- खेतों में काम करते समय मौसम बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित पक्के स्थान पर चले जाएं और अपने पालतू जानवरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसान केवल वैज्ञानिक आधार पर दी गई मौसम की जानकारी और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही अपनी खेती का काम आगे बढ़ाएं।
