प्रियंका चतुर्वेदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Priyanka Chaturvedi Statement: शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण (Memoir) को लेकर जारी विवाद पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर एक पूर्व सेना प्रमुख की बातों से सरकार इतनी विचलित क्यों है?
प्रियंका चतुर्वेदी ने किताब के प्रकाशन को रोकने के प्रयासों को ‘शर्मनाक’ करार दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे किसी दुश्मन देश के आर्मी चीफ की किताब आई हो। क्या हम पाकिस्तान के जनरल की बात कर रहे हैं? जनरल नरवणे हमारे अपने देश के सेना प्रमुख रहे हैं।”
उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले बयान जारी किया गया कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, लेकिन फिर यह चर्चा में कैसे आई? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डरी हुई, घबराई हुई और तिलमिलाई हुई है। प्रियंका ने दावा किया कि एफआईआर और कानूनी कार्रवाई के जरिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को डराने की कोशिश की जा रही है ताकि भविष्य में कोई भी सरकार की कमियों पर कुछ न लिख सके।
चीन के साथ सीमा विवाद का जिक्र करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि उस दौरान सरकार ने दावा किया था कि न कोई आया, न कोई घायल हुआ और न ही किसी ने कब्जा किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर सब कुछ सामान्य था, तो उस समय की पूरी कहानी बताने में क्या दिक्कत है? देश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि संकट के समय क्या फैसले लिए गए थे।
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सांसद चतुर्वेदी ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि अब वंदे मातरम पर चर्चा हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले राज्यसभा सत्र में नारा लगाने पर पाबंदी की एडवाइजरी का उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कम से कम अब बीजेपी के लोग शिक्षित होंगे और उन्हें ‘वंदे मातरम‘ और ‘वंदे भारत’ के बीच का अंतर समझ आएगा, क्योंकि उनके कई नेता भाषणों में अक्सर गलत नाम लेते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। सुरक्षा और जवाबदेही (Accountability) दोनों ही गायब हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर देश की राजधानी के लायक नहीं बचे हैं।