jaykumar gore (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur BJP : मालशिरस में जिस तरह से BJP को वोट मिले, उसे देखते हुए BJP कार्यकर्ताओं को पीटा गया। जो लोग मुझे गुंडा कह रहे हैं, वे खुद सबसे बड़े गुंडे हैं। पूर्व विधायक राम सतपुते की हत्या की साज़िश रची गई थी। पालकमंत्री जयकुमार गोरे ने यह गंभीर आरोप लगाया। गोरे ने विपक्ष पर BJP को हल्के में लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि इसकी उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी।सोलापुर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में BJP को सफलता मिली है।
इन नतीजों के बाद गार्डियन मिनिस्टर गोरे सोलापुर पहुंचे। इस मौके पर विधायक सचिन कल्याणशेट्टी, पूर्व विधायक राजेंद्र राउत, दिलीप माने, रणजीत सिंह शिंदे और BJP पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद गोरे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जिले के तीनों चुनावों में BJP को कम आंकने की गलती की और यह गलती उन्हें भारी पड़ी। पिछले 13 महीनों से मैं जिले में काम कर रहा हूं। मैं कैसा व्यवहार करता हूं, मैं गुंडा हूं या कौन है, इसका अनुभव सोलापुर जिले ने किया होगा।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग मुझे गुंडा कह रहे हैं, वे खुद सबसे बड़े गुंडे हैं। मालशिरस तालुका में क्या हालात हैं? एक BJP कार्यकर्ता को धमकाया जा रहा है, डर का माहौल बनाया जा रहा है। पूर्व विधायक राम सतपुते को मारने की साज़िश रची गई और उन पर हमले की कोशिश की गई। पुलिस इसकी जांच कर रही है। यह साज़िश किसने रची, यह आगे की जांच में सामने आएगा।
रोहित पवार ने राय दी है कि अजितदादा मामले में जांच होनी चाहिए। हमारी भी राय है कि जांच होनी चाहिए। क्रैश हुए प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, इसलिए इस बारे में ज्यादा बात करना ठीक नहीं है। जांच किस एजेंसी से करानी है, यह सुरक्षा एजेंसियां तय करेंगी। सुरक्षा व्यवस्था राज्य और केंद्र सरकार तय करती है। गोरे ने विधायक रोहित पवार के सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।
इस बीच उन्होंने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में जीतने वाले उम्मीदवारों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस भरोसे के साथ लोगों ने BJP को वोट दिया है, उसे वे टूटने नहीं देंगे। पालकमंत्री ने कहा कि अब विकास कार्यों को प्राथमिकता देकर सभी को साथ लेकर चलेंगे।
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चुनाव में हार के बाद वजह बताने की मेरी आदत नहीं है। हार में क्या हुआ, इसका विश्लेषण मैं नहीं करूंगा, लेकिन जो हार हुई है, उसे मैं स्वीकार करता हूं। फोकस सोलापुर पर था, इसलिए यह सच है कि सतारा को कुछ हद तक नजरअंदाज किया गया। हालांकि, सिर्फ अनदेखी ही हार का एकमात्र कारण नहीं है। ऐसी कई हारें पहले भी मानी गई हैं। मैं हमेशा इस झटके से बाहर निकलकर आगे बढ़ने का रास्ता खोजने की कोशिश करता हूं। मुख्यमंत्री ने हमें बताया है कि हार और जीत अंतिम नहीं होती। गार्डियन मिनिस्टर गोरे ने सतारा जिले में हार के बारे में अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि काम में निरंतरता बनी रहनी चाहिए।