Prakash Ambedkar का बड़ा आरोप, हर बूथ पर अधिकारी डालते हैं 100–150 फर्जी वोट
Vote Chori In Maharashtra: प्रकाश आंबेडकर ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर अधिकारी सत्ताधारी दल को अतिरिक्त वोट दिला रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रकाश आंबेडकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सीधे तौर पर वोट चोरी नहीं हो रही है, बल्कि मतदान केंद्रों पर तैनात अधिकारी ही सत्ताधारी दल को अतिरिक्त वोट मिलने की स्थिति बना रहे हैं।
प्रकाश आंबेडकर के अनुसार, हर मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारी 100 से 150 वोट सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में डलवाने में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग ही नहीं करने दिया जाता, तो वह यह कहने के लिए मजबूर होता है कि उसका वोट चुरा लिया गया है। मत देने से वंचित करना भी वोट चोरी का ही एक रूप है।
आंबेडकर ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता को निष्पक्ष और निर्बाध मतदान का अवसर मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी वर्ग की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस स्थिति को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
सम्बंधित ख़बरें
Mega Block: एलटीटी पर 56 घंटे का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें ठाणे तक सीमित; यात्रियों को सलाह
क्या है Water Yoga? तनाव कम करने और शरीर को फिट रखने का है असरदार तरीका
मुंबई के जुहू बीच पर ‘योगा ऑन द बीच’, सीएम फडणवीस बोले योग है भारत की गौरवशाली विरासत
उत्तराखंड के 2 शहरों में भारी बवाल के बाद इंटरनेट बंद, निहंगों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी
राज्य की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया कि भाजपा के नेता पहले नगर निगम चुनाव अकेले लड़ने की बात कर रहे थे। हालांकि, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद भाजपा के रुख में बदलाव देखा गया है। अब भाजपा नेताओं का कहना है कि आगामी चुनाव शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर लड़े जाएंगे।
ये भी पढ़ें – Maharashtra News: सातारा में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 15 करोड़ का नशा जब्त
आंबेडकर ने इस बदलाव को राजनीतिक संकेत बताते हुए कहा कि यह राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले एक से दो महीनों में एकनाथ शिंदे को फिर से मुख्यमंत्री पद पर देखा जा सकता है। उनके मुताबिक, मौजूदा घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रहा है।
