पनवेल कर्जत लोकल कॉरिडोर अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
Panvel Karjat Local Corridor Update: मुंबई-एमएमआर के उपनगरीय रेल परिवहन को रफ़्तार देने वाले पनवेल-कर्जत लोकल रेल कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) द्वारा मुंबई शहरी परिवहन परियोजना 3 के तहत चल रही इस डबल ट्रैक लोकल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट का 85 प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है.
पनवेल-कर्जत कॉरिडोर पर 2.6 किलोमीटर लंबी वावरली सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है। मुंबई के उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की यह सबसे लंबी टनेल होगी। एक तरह से काफी कठिन माने जाने वाले इस डबल लाइन प्रोजेक्ट के तहत 3 अत्याधुनिक सुरंग बनाई गई हैं।
एमआरवीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी के अनुसार मुख्य सुरंग-2 (वावरली टनल) का काम लगभग पूरा होने से एक तरह से प्रोजेक्ट का मुख्य चरण पूरा हो गया है। अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों के निर्माण सहित अन्य कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। इस वर्ष के अंतिम तक इस कॉरिडोर पर लोकल ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
एमआरवीसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश शर्मा के अनुसार अत्यंत चुनौती पूर्ण टनेल के कार्य में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि का उपयोग किया गया। सुरंग के अंदर ट्रैक संरचना गिट्टी रहित होगी। इसके अलावा पब्लिक रिफ्यूज एरिया, सुरंग नियंत्रण प्रणाली, प्रकाश व्यवस्था और वेंटिलेशन सिस्टम जैसी पर्याप्त स्मार्ट सुविधाओं का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया है।
नढाल सुरंग में वाटर प्रूफिंग और कंक्रीट लाइनिंग का काम पूरा हो गया है। यहां स्थायी जलरोधक कंक्रीट लाइनिंग का काम हुआ है। मुंबई उपनगरीय रेलवे की सबसे लंबी सुरंग बनाने के लिए श्रमिकों ने 16 महीनों तक चौबीसों घंटे काम किया। सुरंग की लंबाई 2.639 किमी, ऊंचाई 7.323 मीटर और चौड़ाई 13.282 मीटर है।
मध्य रेलवे के हार्बर लाइन पर पनवेल और मेन लाइन पर कर्जत को जोड़ने वाली यह मुंबई एमएमआर की 5 वीं लोकल लाइन 29.6 किमी लंबी है। यह लोकल कॉरिडोर एमएमआर के पनवेल, खालापुर और कर्जत इन तीन तालुकों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 2,782 करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें :- पुणे में खराब खाद्य डिलीवरी मामला, ब्लिंकइट पर एफडीए की कार्रवाई, दो लाख रुपये का जुर्माना
पनवेल-कर्जत सवर्बन कॉरिडोर के बीच पनवेल,चिखले,मोहोपे,चौक और कर्जत ये 5 उपनगरीय स्टेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। पनवेल-कर्जत लोकल कॉरिडोर शुरू हो जाने पर इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। यह लोकल नेटवर्क नवी मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जुड़ जाएगा। इससे सेंट्रल की मेन लोकल लाइन पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट