

Nagpur Uddhav Thackeray Faction: नागपुर जिले में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं को लेकर राज्य की राजनीति में वैसे भी कई तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना को शहर में करारा झटका लगा है। युवा सेना से अपनी राजनीति शुरू करने वाले और विविध जिम्मेदारपूर्ण पदों पर रहकर पार्टी व संगठन को मजबूत बनाने वाले नितिन तिवारी ने उद्धव गुट को छोड़कर एकनाथ शिंदे शिवसेना का दामन थाम लिया है।
इससे शहर शिवसेना में हड़कंप मच गया है। दरअसल, तिवारी विविध बड़े-बड़े जनांदोलन के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने पार्टी को यहां अलग ही पहचान दी थी। अब वे शिंदे सेना के लिए कार्य करेंगे। उनके साथ उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी ठाकरे गुट को बाय-बाय कर दिया है।
सक्रियता को देखते हुए सांसद श्रीकांत शिंदे ने उन पर स्वयं नजर रखी थी। वे तिवारी को कई बार शिंदे सेना में आने के लिए कह चुके थे। जानकारी के अनुसार, खुद श्रीकांत शिंदे ने उन्हें फोन किया।
शिंदे 4 वर्षों से प्रयास कर रहे थे लेकिन तिवारी नहीं गए, अंततः उन्होंने अब ठाकरे गुट को छोड़ने का निर्णय लिया। युवा सेना में वर्षों तक रहने के बाद तिवारी को पार्टी ने उप मुख्य जिला प्रमुख व शहर प्रमुख भी बनाया था। तिवारी के जाने से उद्धव सेना में बड़ा गड्डा होने की चर्चा चल रही है।
बता दें कि उद्धव सेना में रहने के दौरान बीते मनपा चुनाव में नितिन तिवारी को पार्टी ने नगरसेवक की टिकट दी थी। उनके नाम एबी फार्म भी दिया गया था लेकिन स्थानीय पार्टी नेताओं ने वह फार्म ही गायब कर दिया था जिसके चलते तिवारी को निर्दलीय मैदान में उतरना पड़ा था। हालांकि पार्टी उनके साथ थी। समझा जा रहा है कि तभी से तिवारी का मन उद्धव गुट से उचट गया था। शिंदे सेना में जल्द ही उन्हें जिम्मेदार पद दिये जाने की संभावना है।