ऑपरेशन टाइगर-3 से यूबीटी में हड़कंप! सांसदों के बाद अब टूटेंगे 17 विधायक और दर्जनों पार्षद? शिंदे गुट का दावा
Operation Tiger 3 Maharashtra: ऑपरेशन टाइगर-3 की आहट से उद्धव ठाकरे खेमे में हड़कंप। 6 सांसदों की बगावत के बाद अब 17 विधायकों और बीएमसी के दर्जनों नगरसेवकों के टूटने का दावा। पढ़ें इनसाइड स्टोरी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
उद्धव ठाकरे (सोर्स: फाइल फोटो)
Camp Claims 17 UBT MLA And Corporators Will Defect: शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पार्टी में बुधवार को हुई सांसदों की बगावत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को जल्द ही एक और बड़ा झटका लग सकता है। सांसदों के बाद अब उनकी पार्टी के ज्यादातर विधायक और नगरसेवक उनका साथ छोड़ सकते हैं।
उल्लेखनीय यह है कि उद्धव को यह झटका शुक्रवार को उनकी पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर ही लग सकता है। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। यूबीटी सांसदों की बगावत की पटकथा लिखने वाले उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेताओं के दावों से ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं, जिससे यूबीटी खेमे में हड़कंप मच गया है।
6 सांसदों की बगावत के बाद नगरसेवकों पर नजर
पहले से चल रही ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के अनुरूप यूबीटी के सांसद संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दिना पाटील ने दिल्ली जाकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला से अलग गुट बनाने की मंजूरी हासिल कर ली। ठाकरे खेमा इस सदमे से उबरने का प्रयास कर ही रहा था कि इसी बीच शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने खुलेआम दावा कर दिया कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) में यूबीटी के कई नगरसेवक जल्द ही शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने वाले हैं।
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इनसाइड स्टोरी: आदित्य ठाकरे की पदोन्नति से नाराज थे सांसद!
सूत्रों का दावा है कि उद्धव ठाकरे पार्टी में आदित्य ठाकरे की पदोन्नति की तैयारी कर रहे थे और शुक्रवार को स्थापना दिवस समारोह के मौके पर इसकी आधिकारिक घोषणा होने वाली थी। लेकिन पार्टी के ज्यादातर सांसद आदित्य की कार्यशैली से नाराज थे। वे नहीं चाहते थे कि पार्टी में उनका कद और बढ़े, जो इस ताजा बगावत की एक बड़ी वजह बनकर सामने आया है।
शिंदे गुट की सीधी चुनौती: उद्धव, आदित्य और संजय राउत ही अकेले रह जाएंगे
सांसद नरेश म्हस्के ने अगले ऑपरेशन के संकेत देते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसद ही नहीं बल्कि विधायक और नगरसेवक सभी उनसे नाराज हैं। उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा कि मुंबई महानगरपालिका में ठाकरे गुट के 65 नगरसेवक हैं, लेकिन भविष्य में इनमें से कितने उनके साथ बचेंगे, यह देखने वाली बात होगी। म्हस्के ने तंज कसा कि आने वाले समय में उद्धव, आदित्य और संजय राऊत के अलावा पार्टी में कोई नहीं बचेगा।
17 विधायकों के टूटने का दावा; लेकिन आंकड़ों में कितना है दम?
शिंदे की शिवसेना के विधायक कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि यूबीटी के 17 विधायक और भी टूटने वाले हैं और पूरी डील फाइनल हो चुकी है। फिलहाल, यूबीटी के पास 20 विधायक हैं, जिनमें मुंबई के 10 विधायक शामिल हैं। आदित्य ठाकरे, वरुण सरदेसाई, सुनील प्रभू, महेश सावंत, बाला नर, सुनील राऊत, मनोज जामसुतकर, संजय पोतनीस, अजय चौधरी और हारून खान जैसे नेताओं को ठाकरे खेमे का मजबूत समर्थक माना जाता है। इसके अलावा कैलास पाटिल और नितीन देशमुख जैसे विधायक पहले ही बगावत से लौट चुके हैं। भास्कर जाधव भी साथ छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में 17 विधायकों के टूटने के दावे पर राजनीतिक गलियारों में सवाल भी उठ रहे हैं।
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फंड की कमी से नगरसेवकों में अस्वस्थता, बीएमसी चुनाव की चिंता
विधायकों के विपरीत यूबीटी के नगरसेवकों में अस्वस्थता जरूर दिख रही है। करीब 4 साल तक नगरसेवक नहीं होने की वजह से मुंबई में स्थानीय विकास कार्य ठप थे। अब बीएमसी चुनाव के बाद नवनिर्वाचित नगरसेवकों से जनता की भारी अपेक्षाएं हैं, लेकिन विपक्ष में होने की वजह से उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम करने के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा है। पांच साल बाद होने वाले अगले चुनाव की चिंता में ये नगरसेवक अब पाला बदलने का मन बना रहे हैं।
