Navi Mumbai: ट्रेडर्स असोसिएशन का 5 दिसंबर को बंद, मार्केट कमेटी नियमों में सुधार की मांग
Navi Mumbai: 5 दिसंबर को राज्यभर के ट्रेडर्स एपीएमसी के पुराने कानून रद्द कर नया और व्यावहारिक कानून लागू करने की मांग को लेकर बाजार, मंडियां और होलसेल ट्रेड बंद रखेंगे। कई बड़े संगठन समर्थन में हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Navi Mumbai News In Hindi: राज्य के ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कहा है कि 5 दिसंबर को पूरे राज्य में बाजारों को बंद रखा जाएगा। उनकी मांग है कि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस परचेज एंड सेल एक्ट, 1963 के पुराने नियमों को रद्द किया जाए और एक नया और काम का कानून लागू किया जाए।
राज्य के बड़े ट्रेड एसोसिएशन जैसे महाराष्ट्र चेंबर, सीएएमआईटी, फाम, ग्रोमा, पूना मर्चेंट्स चैंबर ने इस बंद का समर्थन किया है और राज्य भर में मार्केट, मंडियां और होलसेल ट्रेड बंद रहने की संभावना है। ट्रेडर्स के मुताबिक, 60 साल पहले बना एग्रीकल्चर प्रोड्यूस परचेज एंड सेल एक्ट आज के मार्केट के हालात के हिसाब से सही नहीं है।
फसाई, लीगल मेट्रोलॉजी, जीएसटी जैसे कई कानूनों के लागू होने से ट्रेड के तरीके, पैकिंग, नाप-जोख, प्रोसेस्ड सामान की आवाजाही और कंज्यूमर की आदतें काफी हद तक बदल गई हैं। लेकिन एसोसिएशन का आरोप है कि एग्रीकल्चरल कानून में बदलाव नाहीं होने की वजह से ट्रेडर्स पर गलत रोक लगाई जा रही है।
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व्यापारियों की मुख्य मांग है, रेगुलेशन सिर्फ किसानों के सामान तक ही सीमित होना चाहिए, असली कानून के मुताबिक, सिर्फ किसानों से आने वाले सामान को रेगुलेट किया जाता था। लेकिन, बाद में यही रेगुलेशन व्यापारियों, इंडस्ट्री और विदेश से इंपोर्ट होने वाले सामान पर भी लागू कर दिया गया, व्यापारियों का कहना है, “जहां भी मार्केट कमेटी कोई सुविधा नहीं देती, वहां फीस ली जाती है। इसका सीधा असर कंज्यूमर पर पड़ता है और कीमतें बढ़ती हैं।
नोटिफिकेशन में कई तरह की खामियां
- संगठनों ने यह भी साफ किया कि राज्य सरकार ने कुछ मार्केट कमेटी को नेशनल मार्केट कमेटी का दर्जा देने के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसमें गलती है और इसे कानून बनाने से पहले व्यापारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत जरूरी।
- उन्होंने हर तालुका में एक मार्केट कमेटी की पॉलिसी के लिए ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया की जरूरत का भी जिक्र किया।
- व्यापारियों ने मांग की है कि किसी खास खेती के प्रोडक्ट को रेगुलेट करने का अधिकार तभी दिया जाना चाहिए, जब उसका कम से कम पचास परसेंट प्रोडक्शन उसके अधिकार क्षेत्र में आता हो।
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मार्केट कमेटियों के काम को बेहतर बनाने सुझाए उपाय
- मार्केट परिसर में वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज बनाना।
- पेस्टीसाइड रेसिड्यू टेस्टिंग के लिए एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लैब शुरू करना।
- किसानों को एक्सपोर्ट ट्रेनिंग, पैकिंग और क्वालिटी गाइडेंस देना।
- खराब होने वाले सामान के लिए इमरजेंसी स्टोरेज सिस्टम बनाना।
- प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज को सामान के आने और जाने के बारे में रेगुलर जानकारी देना।
- पुराने सीकल्चर प्रोड्यूस से व्यापारियों को कायदा नहीं।
- व्यापारियों का कहना है कि राज्य में सीिकल्चर प्रोड्यूस मार्केट पुराना हो चुका है और व्यापारियों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है।
- इस वजह से, व्यापारियों पर सिर्फ दबाने वाले निधन बोपे जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी को व्यापार करने का कोई मौका नहीं मिल रहा है। ऐसे में एग्रीकल्बर प्रोड्यूस मार्केट को डीरेगुलेट किया जाना चाहिए।
