‘उद्धव ठाकरे अब ‘उद्धव खान’ बन गए हैं’, नितेश राणे ने UBT के बागी सांसदों को बताया हिंदुत्व के मार्ग पर अग्रसर
Nitesh Rane Attacks Uddhav Thackeray Rebel MPs: बीजेपी विधायक नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे को 'उद्धव खान' बताते हुए बागी सांसदों के शिंदे गुट में जाने का स्वागत किया।
- Written By: अनिल सिंह
नितेश राणे का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला (फोटो क्रेडिट-X)
Nitesh Rane Slams Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली शिवसेना में शामिल होने के बाद से राज्य में राजनीतिक बयानबाजी थामने का नाम नहीं ले रही है। सांसदों के इस सामूहिक दलबदल पर भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और विधायक नितेश राणे ने मंगलवार को एक बेहद विवादित और आक्रामक बयान दिया है। नितेश राणे ने पाला बदलने वाले सभी 6 सांसदों के फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा कि इन सभी नेताओं ने आखिरकार बालासाहेब ठाकरे के सच्चे हिंदुत्व के मार्ग को चुना है।
राणे की यह तीखी प्रतिक्रिया शिवसेना (UBT) के सांसदों, संजय उत्तमराव देशमुख, संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर के शिंदे गुट में औपचारिक रूप से शामिल होने के एक दिन बाद आई है।
उद्धव ठाकरे अब ‘उद्धव खान’ बन चुके हैं
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से विशेष बातचीत के दौरान नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे पर सीधा और व्यक्तिगत हमला बोला। उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे की पार्टी छोड़ने वाले इन सभी 6 सांसदों को जमीनी हकीकत का अच्छे से एहसास हो गया था। उन्हें समझ आ गया था कि कांग्रेस और महा विकास आघाड़ी के साथ रहते-रहते उद्धव ठाकरे अब ‘उद्धव खान’ बन गए हैं और उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा को पूरी तरह तिलांजलि दे दी है। यही वजह है कि इन सांसदों ने अपनी आत्मा की आवाज सुनी और बालासाहेब के विचारों को जीवित रखने के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हिंदुत्व का रास्ता अपनाने का ऐतिहासिक फैसला किया।”
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‘असली शिवसेना’ के नैरेटिव को लगा सबसे बड़ा झटका
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन 6 सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने से उद्धव ठाकरे और मातोश्री को न सिर्फ संगठन के स्तर पर, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी सबसे बड़ा झटका लगा है। साल 2022 की बड़ी बगावत के बाद से उद्धव गुट लगातार खुद को ‘असली शिवसेना’ और शिंदे गुट को ‘गद्दार’ बताकर जनता के बीच एक नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अब इतनी बड़ी संख्या में लोकसभा सांसदों के पाला बदलने से एकनाथ शिंदे का यह दावा और मजबूत हो गया है कि जनता और जनप्रतिनिधि दोनों ही उनके नेतृत्व वाली शिवसेना को ही असली और वैध मानते हैं, जिससे उद्धव गुट पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है।
जिसे शरिया कानून चाहिए, वह दूसरे देश चला जाए
पार्टी दलबदल के अलावा नितेश राणे ने देश में तेजी से चर्चा का विषय बने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने का भी पुरजोर समर्थन किया। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों में इसे लागू किए जाने का हवाला देते हुए राणे ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो लोग हमारे देश के संविधान को सर्वोपरि मानते हैं और उसकी शपथ लेते हैं, वे भला यूसीसी (UCC) का विरोध कैसे कर सकते हैं? क्योंकि हमारे मूल संविधान में ही समान नागरिक संहिता का स्पष्ट उल्लेख है। अगर इसके बावजूद किसी को देश के कानून से आपत्ति है और वे शरिया कानून के मुताबिक जीना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत ऐसे देश में चले जाना चाहिए जहां शरिया लागू है। भारत में बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान ही चलेगा और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा।”
