

Turbhe Koparkhairane Track Damage Due To Rain: मुंबई और उपनगरीय इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश का असर अब मध्य रेलवे की उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी साफ दिखने लगा है। आज (बुधवार, 24 जून 2026) सुबह नवी मुंबई को जोड़ने वाली ट्रांस हार्बर लाइन पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को उस समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जब तुर्भे और कोपरखैरने रेलवे स्टेशनों के बीच भारी बारिश के चलते रेल पटरी के नीचे की जमीन (मिट्टी) अचानक धंस गई और बह गई। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे प्रशासन को इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को तुरंत रोकना पड़ा।
यह घटना सुबह के व्यस्त समय (पीक आवर्स) में हुई, जब बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग ठाणे, वाशी और पनवेल की ओर जाने के लिए स्टेशनों पर मौजूद थे।ट्रेनों की आवाजाही रुकने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को मुश्किलों क सामना करना पड़ा। लोग ऑफिस पहुंचने के बजाए स्टेशनों पर ही फंसे रह गए।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात से शुरू हुई लगातार और तेज बारिश के कारण तुर्भे और कोपरखैरने स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के निचले हिस्से की सुरक्षात्मक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा बह गया। गनीमत यह रही कि ट्रैक सर्किट और पेट्रोलिंग टीम ने समय रहते इस भूस्खलन को भांप लिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। पटरी के नीचे से जमीन खिसकने की खबर मिलते ही ट्रांस हार्बर लाइन की अप और डाउन दोनों दिशाओं की लोकल ट्रेनों को रोक दिया गया, जिसके कारण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मध्य रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग और तकनीकी कर्मचारियों की एक विशेष टीम भारी मशीनरी और गिट्टी (बैलास्ट) लेकर दुर्घटनास्थल पर पहुंची। धंसे हुए हिस्से में दोबारा मिट्टी और पत्थर भरकर ट्रैक को मजबूत करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि शुरुआती व्यवधान के बाद ट्रैक को सुरक्षा जांच के बाद हरी झंडी दे दी गई है। वर्तमान में ट्रांस हार्बर मार्ग पर लोकल ट्रेन सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को कुछ समय के लिए धीमी गति से चलाया जा रहा है।
इस तकनीकी खराबी और ट्रैक डैमेज के कारण ठाणे-वाशी और ठाणे-पनवेल मार्ग की लोकल ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। कई ट्रेनों को रद्द किए जाने के कारण ठाणे, रबाले, कोपरखैरने और तुर्भे स्टेशनों पर पैर रखने की जगह नहीं बची थी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे पटरियों पर न उतरें और अफवाहों पर ध्यान न दें। मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेल कर्मी सभी संवेदनशील ट्रैक्स पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।