क्या कांग्रेस में होगा उद्धव की पार्टी विलय? नितेश राणे का बड़ा दावा, बोले- आदित्य ठाकरे शिवसेना यूबीटी के...

Nitesh Rane Claim: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की बगावत की खबरों के बीच भाजपा नेता नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे की कार्यशैली और कांग्रेस में विलय की योजना को जिम्मेदार ठहराया है।
Nitesh Rane Claim On Shiv Sena UBT Split
नितेश राणे व आदित्य ठाकरे (फाइल फोटो, सोशल मीडिया)
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Shiv Sena UBT Split Nitesh Rane Claim: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भारी हलचल है। शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के पाला बदलने के बीच राज्य के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं।

नितेश राणे का आदित्य ठाकरे पर तीखा हमला

नितेश राणे ने दावा किया कि आदित्य ठाकरे की राजनीतिक कार्यशैली और पार्टी के कांग्रेस में विलय की कथित चर्चा के कारण ही सांसदों ने पार्टी से दूरी बनाई। राणे ने कहा कि जिस तरह तृणमूल कांग्रेस में अभिषेक बनर्जी का प्रभाव है, उसी तरह शिवसेना (यूबीटी) में आदित्य ठाकरे की भूमिका बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नाराजगी के चलते सांसदों ने अलग रास्ता चुना।

आदित्य चाहते थे शिवसेना (यूबीटी) का कांग्रेस में विलय

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने दावा किया कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के अनुसार, आदित्य ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) का कांग्रेस में विलय चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी चर्चाएं थीं कि आदित्य ठाकरे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले थे और विलय की स्थिति में उन्हें कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती थी।

भाजपा नेता राणे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि इस तरह के किसी कदम को स्वीकार नहीं कर सकते। उनके अनुसार, इसी वजह से पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा और सांसदों ने अलग होने का निर्णय लिया।

राणे के बयान से गरमाई राजनीति

पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और नागेश पाटिल आष्टीकर के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है। इसी घटनाक्रम के बीच नितेश राणे के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति और गरमा सकती है।