नवी मुंबई स्कूल छेड़छाड़ मामले में NHRC सख्त, अधिकारियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
NHRC Report Navi Mumbai School News: नवी मुंबई के स्कूल में बच्चे के यौन उत्पीड़न मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। केस ट्रायल की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई POCSO केस (सौ. सोशल मीडिया )
NHRC Report Navi Mumbai School POCSO Case: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नवी मुंबई के एक स्कूल में एक बच्ची के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने पीड़ित को मुआवजा मिलने में हो रही देरी और केस की सुनवाई (ट्रायल) की प्रगति पर स्पष्टता की कमी को लेकर चिंता जताई है। अधिकारियों को 7 जून तक पीड़ित के पुनर्वास, फोरेंसिक रिपोर्ट और चार्जशीट की स्थिति पर अपडेट जमा करना होगा।
पता हो कि नवी मुंबई के एक स्कूल में चार साल के एक लड़के के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से लेते हुए, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों को फटकार लगाई है।
सम्बंधित ख़बरें
तुर्भे और कोपरखैरने के बीच धंसी पटरी के नीचे की जमीन, ट्रांस हार्बर लोकल ट्रेन सेवा बारिश की वजह से प्रभावित
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जुलाई को पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान, अबू धाबी के लिए टिकट बिक्री शुरू
नवी मुंबई मनपा सदन में हंगामा, लीगल ऑफिसर के निलंबन प्रस्ताव पर शिवसेना का वॉकआउट
नवी मुंबई में नौकरी के नाम पर 1.73 करोड़ की ठगी, शिपिंग कंपनी के मालिक समेत 8 पर केस
यह फटकार पीड़ित को मुआवजा देने में देरी और केस की सुनवाई की प्रगति पर स्पष्टता की कमी के कारण लगाई गई है। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट और नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त को 7 जून, 2026 तक मामले की विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। यह मामला अप्रैल 2025 में एनआरआई कोस्टल पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। इसमें स्कूल बस के एक ड्राइवर पर जूनियर केजी के एक छात्र के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
पिछली जांच में नहीं मिला या कोई ठोस सबूत
कथित तौर पर, एक पिछली आंतरिक जांच में स्कूल के प्रिसिपल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला था। जांच में यह तर्क दिया गया था कि प्रिसिपल ने पीड़ित के परिवार के साथ सहयोग किया था। हालांकि, आयोग ने कथित लापरवाही पर अपना अंतिम फैसला अभी सुरक्षित रखा है, और वह एक विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
ये भी पढ़ें :- मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाईस्पीड रेल परियोजना पर बढ़ी सियासत, ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी
अप्रैल 2025 में एनआरआई थाने में दर्ज हुआ था मामला
- आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन आयोग ने इस बात पर पूरी तरह चुप्पी देखी कि क्या बच्चे को पोक्सो कानून के तहत मुआवजा और उचित मनोवैज्ञानिक सहायता मिली है या नहीं।
- अपनी हालिया कार्यवाही में, आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि पोक्सो नियमों के नियम 11 के तहत मुआवजा पाना एक तत्काल अधिकार है, और कैस की सुनवाई पूरी होने तक इसमे देरी नहीं की जा सकती।
- अब जिला मजिस्ट्रेट से मुआवजे के वितरण की पुष्टि करने और बच्चे के पुनर्वास व काउंसलिंग पर एक विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
