Shirur Chakan Uran Multimodal Corridor बनेगा गेम चेंजर, उद्योग और यातायात दोनों को मिलेगा फायदा
Shirur Chakan Uran Multimodal Corridor News: महाराष्ट्र सरकार ने 135 किलोमीटर लंबे शिरूर-चाकण-तलेगांव-कर्जत-उरण मल्टीमॉडल कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इससे पुणे-मुंबई क्षेत्र में ट्रैफिक कम होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
शिरूर चाकन कॉरिडोर परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Shirur Chakan Uran Multimodal Corridor Update: महाराष्ट्र सरकार ने शिरूर-चाकण-तलेगांव-कर्जत-उरण मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसे मुंबई और पुणे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।
करीब 135 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का कॉरिडोर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और अहमदनगर रोड जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या में 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आम यात्रियों के समय और ईंधन खर्च में बड़ी बचत होगी।
महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई ऊंचाई
यह कॉरिडोर केवल यातायात सुगम नहीं करेगा, बल्कि महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा। परियोजना के तहत शिरूर और चाकण जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों (MIDC) को सीधे नवी मुंबई स्थित जेएनपीटी (JNPT) बंदरगाह से जोड़ा जाएगा। इससे औद्योगिक माल की ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिसका सीधा लाभ आयात-निर्यात से जुड़े उद्योगों को मिलेगा।
सम्बंधित ख़बरें
प्यार, धोखा, साजिश और 400 फीट गहरी खाई की खौफनाक दास्तान, जानें केतन अग्रवाल हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
Water Crisis: हाडशी में पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कोथरूड की 38 गुंठा मनपा जमीन आवंटन पर विवाद, विपक्ष के विरोध के बीच प्रस्ताव मंजूर
पुणे मनपा की 5 अंग्रेजी स्कूलें 9 साल के लिए आकांक्षा फाउंडेशन को सौंपी जाएंगी, विपक्ष का जोरदार विरोध
ये भी पढ़ें :- जियो टैगिंग जांच में उजागर हुई अनियमितताएं, 100 से ज्यादा मामलों पर होगी कार्रवाई
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर कम होगा वाहनों का दबाव
सरकार का अनुमान है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का भारी दबाव कम होगा। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इस पूरे बेल्ट में नए औद्योगिक निवेश आकर्षित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। बुनियादी ढांचे के विकास की दृष्टि से यह परियोजना पुणे और मुंबई के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के रूप में उभरेगी।
