नवजात शिशु (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: शिवाजी नगर पुलिस ने डीसीपी समीर शेख के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए रॉयल नर्सिंग होम में एक नवजात शिशु को 5 लाख रुपये में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह इस क्षेत्र का पहला मामला नहीं है।
इससे पहले भी शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में रॉयल नर्सिंग होम के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें एक इलेक्ट्रशियन को डॉक्टर बनाकर मरीजों का इलाज करने का आरोप लगा था।
वहीं जून 2021 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने रॉयल नर्सिंग होम के बगल स्थित बॉम्बे सिटी हॉस्पिटल के, डॉ जिकरुल्लाह आजमी को भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया था।
उन पर मुलुंड की एक विवाहित महिला द्वारा हरियाणा से गोद लिया हुआ 5 दिन का बच्चा दिखाकर फर्जी डिलीवरी की कहानी गढ़ कर बीएमसी को रिपोर्ट भेजकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप था। इसके अलावा बॉम्बे पुलिस ने भी शिवाजी नगर के रफीक नगर क्षेत्र से बच्चा बेचने वाली एक गिरोह को पहले पकड़ा था।
गौरतलब है कि बीएमसी के एम-पूर्व वार्ड के क्षेत्राधिकार में लगभग 75 से अधिक अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश अवैध हैं और बिना पंजीकरण के कई वर्षों से चल रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभी हाल ही में बीएमसी ने कई नर्सिंग होमों का पंजीकरण रद्द कर दिया है।
कई नर्सिंग होम कार्यालय एम-पूर्व और इन फर्जी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अनेक महिलाओं, बच्चों तथा पुरुषों की मौत हो चुकी है। क्योंकि इन हॉस्पिटलों में अशिक्षित नौसिखिए नर्स मरीजों का इलाज करती हैं और उन्हें दवाइयां देती हैं।
इसके अलावा, गांवड़ी, शिवाजी नगर, बैगनवाडी, गौतम नगर, डॉ। जाकिर हुसैन नगर, साठे नगर और मानखुर्द आदि स्लम क्षेत्रों में छवीं, 10वीं और 12वीं पास 200 से अधिक फर्जी डॉक्टर डिस्पेंसरी में यूट्यूब देखकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो यह झोलाछाप महज उल्टी-दस्त, बुखार का ही इलाज नहीं करते, बल्कि गुपचुप तरीके से डिलीवरी से लेकर सर्जरी करते हैं। हालांकि पुलिस ने अपने स्तर पर सक्रियता दिखाते हुए इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। लेकिन बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग अब तक चुतराष्ट्र बना बैठा रहा और इनके विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाता रहा है।
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-मुंबई से नवभारत लाइव के लिए तारिक खान की रिपोर्ट