Neelam Gorhe Ashok Kharat Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
Neelam Gorhe Ashok Kharat Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में आरोपों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने एक बार फिर शिवसेना शिंदे गुट की दिग्गज नेता और विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे पर तीखा हमला बोला है। देसाई का दावा है कि जालसाज अशोक खरात और नीलम गोरहे के बीच पुराने संबंध रहे हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि वे अपने बयानों पर कायम हैं और उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि कोरोना काल से पहले नासिक के एक होटल में इन दोनों की मुलाकात हुई थी।
तृप्ति देसाई ने यहाँ तक आरोप लगाया है कि उस समय नीलम गोरहे ने अशोक खरात को मंत्री पद तक का ऑफर दिया था। हालांकि, नीलम गोरहे ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है। गोरहे का कहना है कि उनकी खरात से कभी कोई मुलाकात नहीं हुई। लेकिन देसाई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने नया दावा किया है कि खरात के बारे में जानकारी देने वाले लोग खुद शिवसेना के ही कार्यकर्ता थे, जो अब दबाव के डर से सामने नहीं आ रहे हैं।
तृप्ति देसाई ने प्रेस के सामने खुलासा किया कि उनके संपर्क में नासिक और पुणे के दो ऐसे व्यक्ति हैं जो उस मुलाकात के गवाह थे। देसाई के मुताबिक, उन लोगों ने फिलहाल अपने नाम छिपाने की गुजारिश की है क्योंकि उन्हें डर है कि नीलम गोरहे जैसी ताकतवर नेता के खिलाफ बोलने पर उनके परिवार को परेशान किया जा सकता है। देसाई ने कहा कि उन्होंने उन गवाहों की बातों को रिकॉर्ड कर लिया है। वे इन सबूतों को सीधे एसआईटी या मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने पेश करने की योजना बना रही हैं ताकि सच सामने आ सके।
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राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या शिंदे गुट के भीतर की आपसी लड़ाई की वजह से तृप्ति देसाई का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब देसाई से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दोटूक जवाब दिया कि उन्हें किसी के कंधे की जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ठाकरे गुट के लोग नाराज होते, तो वे अपने प्रवक्ताओं के पास जाते, मेरे पास क्यों आते? देसाई का मानना है कि उन्हें मिली जानकारी बिल्कुल सटीक है और वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आकर पीछे नहीं हटेंगी।
फिलहाल अशोक खरात पुलिस की गिरफ्त में है और एसआईटी मामले की गहराई से जांच कर रही है। तृप्ति देसाई के इन ताजा आरोपों ने नीलम गोरहे के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। देसाई ने चेतावनी दी है कि वे सही समय और सही जगह पर सारे सबूतों का खुलासा करेंगी। अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो न केवल नीलम गोरहे बल्कि शिंदे सरकार के लिए भी जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि देसाई कब और कैसे इन ‘गुप्त सबूतों’ को सार्वजनिक करती हैं।