अशोक खरात केस में नीलम गोरहे का नाम, तृप्ति देसाई का बड़ा दावा- 'होटल में भविष्य जानने गई थीं उपसभापति'

Neelam Gorhe Ashok Kharat Meeting: तृप्ति देसाई का दावा, नीलम गोरहे ने होटल में अशोक खरात से मिलकर भविष्य जाना था। खरात के रिश्तेदार होने के आरोप ने महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मचाया।
Neelam Gorhe Ashok Kharat Meeting
Neelam Gorhe Ashok Kharat Meeting (फोटो क्रेडिट-X)
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Trupti Desai Allegations on Neelam Gorhe: नासिक के 'भोंदू बाबा' अशोक खरात मामले में अब तक का सबसे बड़ा और विस्फोटक राजनीतिक मोड़ आ गया है। भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे पर गंभीर आरोप लगाते हुए खलबली मचा दी है। देसाई का दावा है कि नीलम गोरहे न केवल अशोक खरात को जानती थीं, बल्कि उन्होंने नासिक के 'एक्सप्रेस इन' होटल में उनसे मुलाकात कर अपना भविष्य भी जाना था।

इस दावे ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है, क्योंकि नीलम गोरहे हमेशा महिलाओं के अधिकारों और अत्याचारों के खिलाफ मुखर रही हैं।

रिश्तेदारी और चुप्पी पर उठे कड़े सवाल

तृप्ति देसाई ने सीधा आरोप लगाया है कि नीलम गोरहे और अशोक खरात के बीच पारिवारिक संबंध हैं। देसाई के अनुसार, "अशोक खरात नीलम गोरहे के रिश्तेदार हैं, इसीलिए इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद उपसभापति महोदया ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पुणे के कुछ चश्मदीदों ने उन्हें इस मुलाकात की विस्तृत जानकारी दी है। देसाई ने सवाल उठाया कि जो नेता छोटी-छोटी बातों पर प्रेस नोट जारी करती हैं, वे इतने गंभीर यौन शोषण मामले पर चुप क्यों हैं?

होटल की मुलाकात और भविष्य बताने का दावा

जांच के घेरे में आए नासिक के 'एक्सप्रेस इन' होटल का जिक्र करते हुए तृप्ति देसाई ने कहा कि अशोक खरात वहां विशेष रूप से नीलम गोरहे से मिलने और उनका भविष्य बताने गए थे। गौरतलब है कि खरात खुद को 'कैप्टन' और भविष्यवक्ता बताता था। अब पुलिस के पास 150 से अधिक वीडियो और 10 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में एसआईटी (SIT) गठित कर एक महिला अधिकारी को जांच सौंपी है, लेकिन राजनीतिक हस्तियों के नाम आने से मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

महिलाओं के मुद्दे पर सक्रियता बनाम 'खरात' कनेक्शन

तृप्ति देसाई ने तंज कसते हुए कहा कि नीलम ताई हमेशा पीड़ित महिलाओं से मिलने सबसे पहले पहुंचती हैं, लेकिन अपने ही 'रिश्तेदार' द्वारा किए गए इस जघन्य अपराध पर उनकी चुप्पी संदिग्ध है। इस मामले में अब तक 100 से अधिक शिकायतें फोन पर प्राप्त हुई हैं, जिनमें आठ मामले यौन उत्पीड़न के हैं। देसाई की इस मांग ने जोर पकड़ लिया है कि अगर बड़े राजनीतिक चेहरे इस ढोंगी बाबा के संपर्क में थे, तो उनकी भी जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि क्या खरात को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।

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