नवाब मलिक और समीर वानखेड़े (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sameer Wankhede and Nawab Malik: स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि एजेंसी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े पर लगे अनियमितताओं के आरोपों की जांच खुली शिकायतों पर आधारित है न कि राकांपा के नेता नवाब मलिक के इशारे पर।
NCB ने उपमहानिदेशक (दक्षिण पश्चिम क्षेत्र) विशाल सनप के माध्यम से दाखिल हलफनामे में दावा किया कि 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी वानखेड़े के खिलाफ पूछताछ दो खुली शिकायतों के आधार पर की गई। एजेंसी ने मलिक की ओर से किसी तरह संपर्क किए जाने की बात खारिज कर दी और कहा कि वानखेड़े के खिलाफ दर्ज पिछले मामलों में अनियमितताओं के आरोपों की जांच करना उसका कर्तव्य है।
हलफनामे में कहा गया है, ध्यान देने योग्य है कि इनमें से कोई भी शिकायत नवाब मलिक ने दर्ज नहीं करवाई थी, और ये जांच उनके किसी भी संदेश के आधार पर शुरू नहीं की गई थीं। समीर वानखेडे ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मादक पदार्थ से संबंधित मामलों की जांच को चुनौती दी थी।
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