Bhandup Water Treatment Project पर सवाल, सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव स्थायी समिति में रद्द
Bhandup Water Treatment Project में सलाहकार शुल्क को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थायी समिति में बीएमसी प्रशासन का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया, जबकि अतिरिक्त भुगतान को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Bhandup Water Treatment Project News Update: भांडुप जलशुद्धीकरण परियोजना में सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव शुक्रवार को स्टैंडिंग कमेटी में रद्द हो गया।
दरअसल, बीएमसी प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की तकनीकी निगरानी के लिए मेसर्स टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को सलाहकार नियुक्त करने तथा उन्हें 9।26 करोड़ रुपये का शुल्क देने का प्रस्ताव मनपा प्रशासन ने स्थायी समिति की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया था।
इस पूरे प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 1235 करोड़ रुपये के आसपास है। इसमें से सलाहकार को 1 प्रतिशत (12 करोड़ 35 लाख) सलाहकार को दिया जाना है, जिसमें से 3 करोड़ 69 लाख रुपये पहले ही दिया गया है।
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एमआईएम के नगरसेवक व स्थायी समिति के सदस्य जमीर कुरैशी ने सवाल उठाया कि जब 1 प्रतिशत 12 करोड़ 35 लाख रुपये है तो 12 करोड़ 96 लाख क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 60 लाख 86 हजार 893 रुपये सलाहकार को अधिक क्यों दिया जा रहा है इसका कारण नहीं बताया गया है।
सलाहकार को दिए जा रहे है 20 करोड़ अतिरिक्त रुपये
कुरैशी ने बताया कि इसके अलावा सलाहकार को 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे है ताकि भविष्य में अगर परियोजना की लागत बढ़ जाए तो उस समय इस 20 करोड़ से बढ़ी हुई लागत की भरपाई की जाए, लेकिन अगर इस पैसे का इस्तेमाल नहीं होता है तो क्या यह अतिरिक्त पैसा बीएमसी को वापस मिलेगा। अगर ठेकेदार जानबूझकर लागत बढ़ने की बात कहता है तो बीएमसी अधिकारी कैसे निपटेंगे, जनता का पैसा है सोच समझकर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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साल 1978 में बनाया गया था जल शोधन केंद्र
- बता दें कि भांडुप जल शोधन केंद्र वर्ष 1978 में स्थापित किया गया था। लगातार रसायनों के संपर्क में रहने के कारण इसकी संरचना कमजोर हो चुकी है और इसकी आयु लगभग समाप्त हो गई है।
- भविष्य में मुंबई पर जल संकट न आए और पानी की लीकेज रोकी जा सके, इसके लिए मनपा ने इस परियोजना को शुरू करने का फैसला किया है। इस परियोजना के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए मेसर्स शंकरनारायण कन्स्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड को मुख्य ठेकेदार चुना गया है।
- जीएसटी सहित इस विशाल परियोजना की कुल लागत 1235,99,57,954.35 रुपये यानी लगभग 1235 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
- मनपा का लक्ष्य है कि मानसून अवधि सहित 42 महीनों में निर्माण कार्य और उसके बाद 3 महीनों के संचालन परीक्षण के साथ कुल 45 महीनों में यह परियोजना पूरी कर ली जाए।
- स्थायी समिति की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को गति मिलेगी, जिससे भविष्य में मुंबईवासियों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक, शुद्ध और निर्वाध जलापूर्ति उपलब्ध हो सकेगी।
