
चीनी लहसुन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chinese Garlic Import: नवी मुंबई वाशी स्थित एपीएमसी की आलू-प्याज की मंडी में लहसुन की आवक कम हो रही है, जिसकी वजह से कुछ व्यापारी चीन से लहसुन का आयात कर रहे हैं। जिसे देसी लहसुन की तुलना में ज्यादा कीमत मिल रही है। थोक में चीन का लहसुन 250 रुपए किलो तक बिक रहा है, वहीं देसी लहसुन को अधिकतम 130 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दाम मिल रहा है। चीन के लहसुन की तुलना में देसी लहसुन को कम कीमत मिलने से भारत में लहसुन का उत्पादन करने वाले किसानों में निराशा फैली हुई है।
तोतलानी ने बताया कि चीन से आने वाली लहसुन की बोरियों पर अफगानिस्तान का लेबल लगा रहता है। वाशी स्थित एपीएमसी की आलू-प्याज की मंडी में थोक में कारोबार कर रहे मनोहर तोतलानी की अनुसार मौजूदा समय में मंडी में हर दिन सिर्फ 2417 बोरी लहसुन की आवक हो रही है, जिसमें चीन से आयात किए गए लहसुन का समावेश है।
तोतलानी ने बताया कि मौजूदा समय में चीनी लहसुन थोक में 200 से 250 रुपए किलो बिक रहा है, वहीं उटी से आने वाला देसी लहसुन 60 से 130 रुपए किलो बिक रहा है। जबकि भारत के अन्य राज्यों के आने वाले लहसुन को 50 से 120 रुपए प्रति किलो दाम मिल रहा है।
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तोतलानी का कहना है कि बेमौसम की बारिश की वजह से भारत में पैदा होने वाले लहसुन को नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से उसकी गुणवत्ता पर असर हुआ है, इसी का फायदा उठाने के लिए कुछ व्यापारी विभिन्न मार्गों से चीन से लहसुन का आयात कर के उसे उंचे दाम पर बेच रहे हैं। इन व्यापारियों की वजह से भारत सरकार और यहां के किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जिसे भारत सरकार और एपीएमसी के अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।






