Nashik SIT investigation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: नासिक का कुख्यात भोंदू बाबा अशोक खरात पुलिस हिरासत में होने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर आरोपों में घिरे खरात ने जांच को भटकाने और पुलिस की सहानुभूति हासिल करने के लिए अब जेल के भीतर पुलिसकर्मियों को ही उनका भविष्य बताना शुरू कर दिया है। हालांकि नासिक पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
इस बीच विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में अहम मोड़ तब लाया, जब अशोक खरात और उसके ऑफिस बॉय नीरज जाधव को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों के बीच पुलिस के सामने ही तीखी बहस और शाब्दिक विवाद हुआ। नीरज जाधव के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसके फोन में लगभग 30 से 40 महिलाओं के संपर्क नंबर मिले हैं। जांच में सामने आया है कि नीरज ही इन महिलाओं तक खरात के संदेश पहुंचाने और उन्हें उसके जाल में फंसाने का काम करता था।
इसी बीच सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में खरात के खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया गया है। एक पीड़ित गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि पूजा-विधि के नाम पर खरात ने उसके साथ यौनाचार किया। महिला के अनुसार आरोपी उसके पति को केबिन के बाहर बैठा देता था और अंदर उसके साथ गलत हरकत करता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि खरात ने पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, ताकि वे पुलिस के पास न जाएं।
जांच में यह भी सामने आया है कि खरात लोगों को डराने के लिए अघोरी प्रथाओं का सहारा लेता था। वह अपने पास नकली सांप और बाघ की खाल रखता था, जिससे आने वाले लोगों के मन में डर पैदा हो और वे उसके प्रभाव में आ जाएं। पुलिस उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के साथ-साथ ‘महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथा तथा काला जादू प्रतिबंध अधिनियम’ के तहत भी मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति की किसी के साथ फोटो होने का मतलब यह नहीं कि वह उस अपराध में शामिल है। लेकिन शक्तियों का दुरुपयोग कर महिलाओं को प्रताड़ित करना बेहद घृणित अपराध है और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
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विपक्ष द्वारा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत हैं और उन्हें पता है कि विरोधी पक्ष के कौन-कौन लोग वहां जाते थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खरात के लिए 40 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन मंजूर करने वालों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं पुलिस महानिदेशक को इस मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
SIT और नासिक पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 इस पूरे रैकेट की गहराई तक जांच कर रही है। नीरज जाधव के फोन से मिले 40 महिलाओं के नंबरों के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।